694 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(3) जहां उप-खंड (2) के धारा ‘क’ में दी गई समय-सीमा के भीतर कोई मुकदमा दायर नहीं होता और जहां उक्त उप-खंड की धारा ‘ख’ के तहत दत्तक ग्रहण की पुष्टि की जाती है वहां दत्तकग्रहण की तिथि से सभी उद्देश्यों के लिए उसे प्रभावी व वैध माना जाएगा।
(70)
दत्तकग्रहण के लिए अन्य शर्तें
66. अन्य शर्तें ः
(1) हर दत्तकग्रहण में निम्न शतों का अनुपालन अनिवार्य रूप से
होना चाहिएः-
( i ) वह पिता जो दत्तक दे रहा है या जिसे दत्तक दिया गया है उन का कोई हिंदू पुत्र, पौत्र, या प्रपौत्र (चाहे वह वैध रक्त संबंध से हो या दत्तकग्रहण से) अनिवार्य रूप से दत्तकग्रहण के समय जीवित न हो।
स्पष्टीकरणः- दत्तकग्रहण के समय वास्तविक रूप से अजन्मे यद्यपि वह गर्भ में पनप रहा हो और बाद में जीवित जन्म ले, को इस खंड के लिए जीवित नहीं माना जाएगा।
( ii ) एक ही बालक एक साथ दो या दो से अधिक व्यक्तियों द्वारा दत्तक नहीं लिया जा सकता न ही दो या उससे अधिक बालकों को एक-साथ एक ही व्यक्ति द्वारा दत्तक लिया जा सकता है।
( iii ) प्रत्येक दत्तक ग्रहण में देने वाले व ग्रहण करने वाले
भाग 6, धारा 16, पृष्ठ 26
की मुक्त सहमति होनी चाहिए।
(2) यदि दत्तक देने वाले व ग्रहण करने वाले की सहमति जोर-जबरदस्ती, गैर-जरूरी प्रभाव, धोखा, गलतबयानी या गलती से ली गई हो तो दोनों में से कोई पक्ष दत्तक ग्रहण को अवैध घोषित करने के लिए वाद ला सकता हैः-
न्यायालय ऐसे मुकदमें को खारिज कर सकता है बशर्तेः
(क) जोर-जबरदस्ती, गैर-जरूरी प्रभाव, गलतबयानी या गलती पकड़ में आने के
दो वर्ष से अधिक समय के बाद मुकदमा दायर किया गया हो_ अथवा