भाग 3 - दत्तकग्रहण - Page 715

700 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

(2) जहां दो या ज्यादा विधवाएं मिल कर दत्तक ग्रहण करती हैं, वहां विवाह में वरिष्ठतम

विधवा उस पुत्र की ग्रहीता मां होगी व अन्य विधवा या विधवाएं उसकी सौतेली

माँएं होंगी।

(76)

72. वैध दत्तकग्रहण का रद्द नहीं होनाः मान्य रीति से संपन्न हुआ दत्तकग्रहण, ग्रहीता माता-पिता अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता न ही दत्तक पुत्र अपनी इस स्थिति का परित्याग कर अपने जन्म के परिवार में वापिस जा सकता है।

(77)

73. कुछ समझौते का निष्प्रभावी होनाः दत्तकग्रहण न करने का समझौता या दत्तक ग्रहण (गोद लिए) पुत्र के अधिकारों को कम करना निष्प्रभावी शून्य है।

(75)

71. विधवा द्वारा दत्तक ग्रहण किए जाने पर ग्रहीता माता का निर्धारणः

(1) जहां मृत हिंदू की कई विधवाओं में से कोई एक दत्तकग्रहण

करती है उसे ग्रहीता माता माना जाएगा व अन्य विधवाएं दत्तक पुत्र की सौतेली माँएं होंगी।

(2) जहां दो या ज्यादा विधवाएं मिल कर दत्तकग्रहण करती हैं, वहां विवाह में वरिष्ठतम विधवा उस पुत्र की ग्रहीता मां होगी व अन्य विधवा या विधवाएं उसकी सौतेली माँएं होंगी।

(76)

भाग 6, धारा 21, पृष्ठ 28

72. वैध दत्तकग्रहण का रद्द नहीं होनाः मान्य रीति से संपन्न हुआ दत्तक ग्रहण, ग्रहीता माता-पिता अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता न ही दत्तक पुत्र अपनी इस स्थिति का परित्याग कर अपने जन्म के परिवार में वापिस जा सकता है।

(77)

73. कुछ समझौते का निष्प्रभावी होनाः दत्तक ग्रहण न करने का समझौता या दत्तक ग्रहण (गोद लिए) पुत्र के अधिकारों को कम करना निष्प्रभावी शून्य है।

भाग 6, धारा 20, पृष्ठ 20