(87)
83. ये संरक्षक की जिम्मेदारी है कि वह अवयस्क का पालन पोषण हिंदू धर्म में करे ः यह एक हिंदू अवयस्क के संरक्षक की जिम्मेदारी है कि वह अवयस्क का पालन पोषण अवयस्क के पिता के धर्म के अनुसार करे।
(88)
84. वास्तविक संरक्षक अवयस्क की संपत्ति के साथ छेडछाड नहीं कर सकता ः इस संहिता के लागू होने के बाद कोई भी व्यक्ति इस आधर पर कि वह अवयस्क का वास्तविक संरक्षक है, उसकी संपत्ति से छेड़छाड़ करने या उस के विषय में कोई निर्णय नहीं कर सकेगा।
(89)
85. अवयस्क का हित ही परम आवश्यक होना ः न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति को किसी हिंदू अवयस्क का संरक्षक नियुक्त करने या घोषणा करने में अवयस्क का हित सबसे प्रमुख होगा जिसे और किसी भी व्यक्ति को इस भाग के या धारा 24 के प्रावधान के तहत नियुक्त नहीं किया जा सकता, यदि न्यायालय को ये लगता है कि उसकी संरक्षता अवयस्क के हित में नहीं हैं।
(89)
85. अवयस्क का हित ही परम आवश्यक होना ः न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति को किसी हिंदू अवयस्क का संरक्षक नियुक्त करने या घोषणा करने में अवयस्क का हित सबसे प्रमुख होगा जिसे और किसी किसी भी व्यक्ति को इस भाग के या धारा 24 के प्रावधान के तहत नियुक्त नहीं किया जा सकता, यदि न्यायालय को ये लगता है कि उसकी संरक्षता अवयस्क के हित में नहीं हैं।
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भाग 5, धारा 9, पृष्ठ 23
भाग 5, धारा 10, पृष्ठ 23
भाग 5, धारा 12, पृष्ठ 22
भाग 5, धारा 12, पृष्ठ 22