संयुक्त परिवार की संपत्ति - Page 728

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भाग 5µसंयुक्त परिवार की संपत्ति
अध्याय 1
सामान्य सिद्धांत

86. परिवार में जन्म लेने मात्र से संपत्ति में अधिकार होने को बढ़ावा न देनाः इस संहिता के लागू होने पर और इसके बाद केवल इस कारण कि वह उस परिवार में जन्मा है, किसी पूर्वज की संपत्ति में अपने जीवनकाल में हक का दावा किसी कोर्ट में मान्य नहीं होगा।

स्पष्टीकरणः-इस भाग में फ्संपत्तिय् में चल व अचल दोनों प्रकार की संपत्ति शामिल है चाहे वह पैतृक संपत्ति हो अथवा नहीं, तथा चाहे वह परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा संयुक्त रूप से प्राप्त की गई हो अथवा किसी पैतृक संपत्ति में अभिवृद्धि से मिली हो या अन्य प्रकार से प्राप्त हुई हो।

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87. संयुक्त अभिवृत्ति को सामान्यतः साझा अभिवृत्ति से बदला जाना- इस संहिता के लागू होने पर और बाद में कोई कोर्ट उत्तरजीविता के नियम से संचालित किसी संयुक्त संपत्ति में अधिकार को मान्य नहीं करेगा या अधिकार नहीं देगा और संयुक्त परिवार के सभी सदस्य जिस संपत्ति को संयुक्त रूप से धरण करते हैं उसे साझा अभिवृत्ति माना जाए और इस संहिता के लागू होने पर उसे ऐसा मानेगे जैसे यदि उस संपत्ति का विभाजन हुआ होता तो प्रत्येक स्त्री या पुरुष अपनी हिस्से की संपत्ति को इस प्रकार लेते मानों वह उसके पूर्णतया मालिक हैः

परंतु इस धारा में उल्लिखित कोई नियम संयुक्त परिवार के किसी सदस्य, यदि कोई हो तो, के भरण-पोषण व रिहायशी के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगा, उन व्यक्तियों के अलावा जो अपना भाग स्वतंत्र रूप से रखने के पात्र हैं तथा ऐसा अधिकार उसी तरह प्रभावी होगा जैसा तब होता यदि ये संहिता लागू न हुई होतीः

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भाग 3 (अ), धारा 2, पृष्ठ 12

भाग 3 (अ), धारा 2, पृष्ठ 11