714 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
परंतु ये भी कि किसी स्त्री के मामले में, जो इस धारा के प्रावधान के तहत पैतृक संपत्ति स्वतंत्र रूप से प्राप्त करने की अधिकारी हो, केवल उस सीमित संपदा को प्राप्त करने की अधिकारी होगी, जो इस संहिता के लागू होने से पहले प्रभावी कानून के अनुसार हिंदू स्त्री की जागीर के रूप में जानी जाती थी और उसकी मृत्यु के बाद वह संपत्ति उसी व्यक्ति को वापिस चली जाएगी जो इस संहिता के लागू होने से पूर्व उसका अधिकारी था।
---
भाग 2, धारा 3, पृष्ठ 3