718 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(क) या तो किसी पैतृक संपत्ति में अधिकारी हो, अथवा
(ख) वह ऐसी संपत्ति प्राप्त करने वाले के परिवार में जन्मा हो और वह
पुरुष वंशक्रम में ऐसे व्यक्ति का पारंपरिक पूर्वज हो, तथा
( ii ) उप-धारा (ब) के खंड ( i ) में उल्लेखित किसी व्यक्ति के संबंध में, उसे
कुछ समय के लिए उसे चार कोटियों तक अलग न किया गया हो-
(क) उस व्यक्ति से जिसे विरासत में ऐसी संपत्ति मिली हो, अथवा
(ख) किसी व्यक्ति जिसे वह विरासत मिली है, का कोई भी वंशज और
जो पुरुष वंशक्रम में उसका सबसे बड़ी आयु का जीवित पैतृक पूर्वज
हो।
(2) उप-धारा 1 के तहत डिग्रियों का संगणना के उद्देश्य के लिए संबंधित व्यक्ति और
वह व्यक्ति जिसके संबंध में मापन किया जाएगा, उसे एक डिग्री गिना जाएगा।
(3) वहां जहां सहदायिकी के सदस्यों के बीच विभाजन होता है तो वह सहदायक जो
अलग हुए हैं एक दूसरे के संबंध में सहदायक होने से वंचित हो जाएंगे, मगर ये
तब तक समझा नहीं जाएगा जब तक इसके विपरीत सिद्ध न होःµ
(क) कि इस विभाजन के कारण जो व्यक्ति अलग हुआ है केवल अलग होने
के आधार पर अपने स्वयं के पुरुष वंशक्रम के संबंध में सहदायक नहीं रह
जाएगा_ अथवा
(ख) कि, जहां केवल कोई एक सहदायक अलग हुआ हो, और बाकी सहदायक
केवल इसी कारण एक दूसरे के बीच सहदायक होने से वंचित हो जाएंगे।
(4) फ्सहदायिकीय् दो या दो से अधिक पुरुष व्यक्तियों का निकाय है जो उस समय
के लिए सहदायक है।
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90ग. सहदायिकी संपत्ति के मामलेः किसी सहदायिकी के किसी एक सदस्य द्वारा अधिकृत संपत्ति,चाहे वह इस संहिता के प्रभावी होने से पूर्व अधिकृत की गई हो या बाद में, निम्न नियम लागू होंगे-
(क) पैतृक संपत्ति प्राप्त किसी व्यक्ति के परिवार में जन्म लेने के कारण प्रत्येक सहदायक
उस संपत्ति में अपने पिता के बराबर अभिरुचि रखेगा_