संयुक्त परिवार की संपत्ति - Page 734

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(ख) सहदायिकी के सभी सदस्य संपत्ति को संयुक्त अभिधारी की भांति रखेंगे_

(ग) किसी सहदायक की मृत्यु होने पर (एकमात्र उत्तरजीवि सदस्य के अतिरिक्त)

संपत्ति में उसका हक उत्तरजीविता के नियम द्वारा उत्तरजीवी को हस्तांतरित होगा

न कि उत्तराधिकार द्वारा उसके उत्तराधिकारी कों_

(घ) खंड (ग) में उल्लिखित प्रावधान के बावजूद जहां किसी सहदायक की मृत्यु हो जाती

है, तो अन्य लोगों के साथ स्वयं उसकी पत्नी व पुत्री भी संपत्ति में शामिल होंगे-

( i ) विधवा के मामले में उसका हक,उसके पुत्रों के हक के बराबर होगा,

( ii ) अविवाहित कन्या के मामले में हक पुत्र से आधा व विवाहित कन्या के

मामले में पुत्र के हक का एक चौथाई होगा।

(96)

90घ. सहदायिक संपत्ति के विलगाव में मामले में सहदायक के हक की सीमाः न तो कोई सहदायक और न कोई स्त्री जिसे धारा 90 के खंड (घ) के प्रावधान के अनुसार पैतृक संपत्ति में हक मिला है, केवल इस कारण वह सहदायक है अथवा पैतृक संपत्ति को अधिकृत या हस्तांतरित करने का अधिकार रखता है, सिवाय उस पुरुष या स्त्री की यह अविभाज्य संपत्ति है और उसमें अन्य हक रखते हैं, तथा कोई न्यायालय ऐसे किसी सदस्य या स्त्री के विरुद्ध जारी किसी डिक्री के निष्पादन के लिए किसी पैतृक संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा सिवाय उस सहदायक या उस स्त्री, जैसा भी मामला हो, से संबंधित संपत्ति के।

(97)

90घ. सहदायिकी संपत्ति के विभाजन की मांग का अधिकारः

(1) कोई भी सहदायक और स्त्री जो धारा 90 ग के खंड (घ) में उल्लिखित प्रावधानों

के तहत हक रखते हैं, किसी भी समय अपने हिस्से की संपत्ति को अपने व्यक्तिगत

आनंद के लिए विभाजन की मांग करने का दावा कर सकते हैं, चाहे अन्य पक्ष

इससे सहमत हों या न हों।

(2) जहां कोई स्त्री जिसे उप-धारा (1) के अनुसार ऐसा कोई अधिकार मिला है,

अपने हिस्से की संपत्ति के विभाजन व अपने अलग आनंद के लिए मांग किए

बिना मृत्यु प्राप्त कर लेती है तो उसका अधिकार उसकी मृत्यु के बाद सहदायकों

के पास वापिस चला जाएगा।