संयुक्त परिवार की संपत्ति - Page 735

720 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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90च. कुछ मामलों में किसी सहदायक को अन्य सहदायक की संपत्ति आदि बेचने का अधिकारः धारा 90 घ में उल्लिखित प्रावधान के बावजूद एक सहदायक जो धर्म परिवर्तन के कारण हिंदू न रह गया हो अथवा एक स्त्री जिसे धारा 90 ग के

खंड घ में उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार पैतृक संपत्ति में अधिकार मिला है और वह अपने हिस्से की संपत्ति को अपने अलग आनंद के लिए उपयोग करना चाहती हैं, उन्हें किसी अन्य सहदायक की सहायता की आवश्यकता होगी व उन पर विभाजन अधिनियम, 1893 (1893 का IV ) के प्रावधान लागू होंगे जैसे यदि विभाजन होता और वह सहदायक जो हिंदू न रह गया हो या वह स्त्री, जैसा भी मामला हो, सहदायिकी से संबंधित किसी घर के हिस्से के हकदार होते, तब लागू होते।

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90छ. विभाजन में हिस्सों का आबंटनः विभाजन में सहदायिकी के सदस्यों के हिस्सों को नियमित करने के लिए निम्न नियम लागू होंगे-

(क) जहां एक पिता व उसके पुत्रों में विभाजन हो, प्रत्येक पुत्र अपने पिता के बराबर

हिस्सा लेगा_

(ख) यदि विभाजन भाइयों के बीच हो तो प्रत्येक भाई को बराबर भाग मिलेगा_

(ग) जहां विभाजन सहदायिकी की विभिन्न शाखाओं के परिवारों में हो, संपत्ति सभी

शाखाओं में बराबरी से बंटेगी_

(घ) जहां विभाजन सहदायिकी की समान शाखा के सदस्यों में हो, संपत्ति प्रति व्यक्ति

बराबर बंटेगी।

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90ज. सहदायिकी की समाप्ति ः उस समय तक जब कि परिवार में कोई अन्य सहदायक न हो, प्रत्येक व्यक्ति जो कोई पैतृक संपत्ति अधिकृत करता हो अपनी संपत्ति का पूरी तरह अधिकारी होगा, तथा उसकी मृत्यु पर, उसकी संपत्ति उसके उत्तराधिकारियों को उत्तराधिकार द्वारा हस्तांतरित होगी न कि उत्तरजीविता के द्वारा।