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100. वर्ग 1 में प्राथमिकता प्राप्त उत्तराधिकारियों में संपत्ति का बंटवाराः
(1) आठवीं अनुसूची के वर्ग 1 में प्राथमिक उत्तराधिकारियों में निर्वसीयती की संपत्ति का बंटवारा इस प्रकार होगा कि विधवा का भाग उसके प्रत्येक पुत्र के समान होगा। इसमें पूर्व मृतक पुत्र जो अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गया है और पुत्र के पुत्र का पुत्र, जो निर्वसीयती की मृत्यु के समय जीवित हों, भी शामिल है तथा प्रत्येक अविवाहित कन्या का हिस्सा प्रत्येक पुत्र से आधा व विवाहित कन्या का हिस्सा पुत्र से एक चौथाई होगाः
परंतु जहां किसी मृतक पुत्र का कोई पुत्र अथवा पुत्र का पुत्र न हो बल्कि उसकी मृत्यु के समय उसकी या उसके पुत्र की जीवित विधवा है तो निर्वसीयती के पुत्र के भाग का आधा उस मृतक पुत्र की विधवा को मिलेगा।
(2) पूर्व मृतक पुत्र को दिया गया हिस्सा उप-धारा (1) के तहत निम्न तरीके से विभाजित होगाः-
(क) यदि ऐसा पूर्व मृतक पुत्र अपने पुत्र या पुत्र के पुत्र को निर्वसीयती की मृत्यु
के समय जीवित छोड़ गया है तो उसका हिस्सा उसकी विधवा के बराबर
होगा जो उस मृतक पुत्र के पुत्र को दिया जाएगा। इसमें वह मृतक पुत्र भी
शामिल है जो निर्वसीयती से पूर्व मृत हो व अपने पुत्र को उसकी मृत्यु के
समय जीवित छोड़ गया होः
परंतु यदि ऐसे पूर्व मृतक का कोई पुत्र किसी विधवा को निर्वसीयती की
मुत्यु के समय छोड़ कर जाता है, और कोई पुत्र छोड़ कर नहीं जाता है तो
ऐसे पुत्र का हिस्सा ऐसे पूर्व मृतक के अन्य पुत्र से आधा होगा।
(ख निर्वसीयती की मृत्यु से पूर्व मृत पुत्र का पुत्र यदि निर्वयीसती से पहले मर चुका
हो, का हिस्सा उसकी विधवा व उसके पुत्रों में बराबर हिस्सों में बंटेगा।
(ग) यदि पूर्व मृतक पुत्र अपने पीछे एक विधवा अथवा पुत्र की विधवा या दो
या दो से ज्यादा पुत्र की विधवाएं छोड़ गया है, और कोई पुत्र या पुत्र का
पुत्र जो निर्वसीयती की मृत्यु के समय जीवित हो, छोड़ कर नहीं गया है
तो ऐसे पूर्व मृतक पुत्र का भाग उसकी विधवा और उसके पुत्र की विधवा
या पुत्रों की विधवाओं में इस तरह बंटेगा कि उस विधवा का हिस्सा उसके
पुत्रों की विधवाओं से दुगुना होगा।
(3) इस धारा के उद्देश्य के लिए कोई व्यक्ति जो एक से अधिक विधवा छोड़ गया है तो एक विधवा को मिलने वाला हिस्सा सभी विधवाओं में बराबर बांटा जाएगा।