752 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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हिंदू स्त्री की संपत्ति का उत्तराधिकार
106. एक हिंदू स्त्री के उत्तराधिकारीः इस अधयाय के प्रावधान से एक हिंदू स्त्री जो निर्वसीयती मर गई है, उसकी संपत्ति इस भाग में तय नियमों के अनुसार हस्तांतरित की जाएगी-
(क) प्रथम, पति व बच्चे, इसमें उसके पूर्व मृत बच्चे के बच्चे भी शामिल है_ तथा
(ख) दूसरे, यदि यदि खंड क में उल्लेखित कोई उत्तराधिकारी नहीं है तो धारा 109 में उल्लेखित नियमों के अनुसार व उसी क्रम में जिस क्रम में उनके नाम उल्लेखित है।
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107. उत्तराधिकारियों के बीच हिस्सों का बंटवाराः
(1) जहां एक हिंदू स्त्री अपने पीछे अपने पति व बच्चों को
छोड़ कर निर्वसीयती मर जाती है, तो वह संपत्ति जिसे वह
निर्वसीयती छोड़कर मरी है, उसके पति व बच्चों में इस
प्रकार बंटेगी कि उन्हें बराबर हिस्सा प्राप्त हो_
(2) यदि एक हिंदू स्त्री पति नहीं, केवल बच्चों को छोड़कर
निर्वसीयती मर जाती है, तो वह संपत्ति जिसे वह निर्वसीयती
छोड़कर मरी है उसके बच्चों में इस प्रकार बंटेगी कि प्रत्येक
को बराबर हिस्सा प्राप्त हो_
(3) यदि निर्वसीयती मृत स्त्री का कोई बच्चा उसके जीवन काल
में मर जाता है और उस स्त्री की मृत्यु के समय उस मृत
के बच्चे जीवित हों तो ऐसे बच्चों के बच्चों को वही हिस्सा
मिलेगा जो उस बच्चे को मिलता यदि वह जीवित होता ।
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भाग 2, धारा 14, पृष्ठ 9
भाग 2, धारा 14, पृष्ठ 9
भाग 2, धारा 14, पृष्ठ 9
108. जहां कोई बच्चा नहीं तब पति का उत्तराधिकारी होनाः जहां कोई स्त्री केवल अपने पति को अपने पीछे छोड़कर मर जाती है, अपने बच्चे या बच्चों के बच्चे जो धारा 107 के तहत उत्तराधिकार के लिए नामित हैं, को नहीं छोड़कर जाती तो वह सारी संपत्ति जिसे वह निर्वसीयत छोड़कर मरी है, उसके पति को हस्तांतरित हो जाएगी।