मरूमक्कतायम स्त्री आदि की संपत्ति का उत्तराधिकार - Page 773

758 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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उत्तराधिकार से संबंधित सामान्य प्रावधान

111. सगे संबंधी को सौतेले संबंधी से ज्यादा प्राथमिकता दी जानाः निर्वसीयती संपत्ति के उत्तराधिकार के संबंध में सगे संबंधियों को सौतेले संबंधियों की बनिस्पत ज्यादा अहमियत दी जाएगी, यदि अन्य मामलों में संबंधों की प्रकृति समान रहती है।

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112. दो से ज्यादा उत्तराधिकारी होने पर उत्तराधिकार का तरीकाः यदि किसी निर्वसीयती की संपत्ति में दो या ज्यादा संयुक्त उत्तराधिकारी हैं, तब संपत्ति इस प्रकार दी जाएगी।

(क) वैसे ही, जब तक इस भाग में स्पष्ट रूप से उल्लेखित प्रावधान के विरुद्ध न तो,

प्रति व्यक्ति न कि प्रति शाखा_

(ख) संयुक्त अभिवृत्ति के बजाए साझा अभिवृत्ति के अनुसार।

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113. गर्भस्थ शिशु का अधिकारः निर्वसीयती की मृत्यु के समय गर्भ में पल रहा व्यक्ति जो बाद में जीवित उत्पन्न होता है निर्वसीयती की संपत्ति में वही दाय प्राप्त करेगा जो तब होता जब वह बच्चा, लड़का या लड़की निर्वसीयती की मृत्यु से पूर्व उत्पन्न होता। ऐसी अवस्था मे दाय निर्वसीयती की मृत्यु की तिथि से प्रभावशील होकर उसमें निहित समझा जाएगा।

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114. उत्तरजीविता के संबंध में पूर्वधरणाः जहां दो व्यक्ति ऐसी परिस्थिति में मरे हैं जिसमें यह अनिश्चित है कि उनमें से कोई, यदि कोई है, किस का उत्तरजीवी है तब जब तक इसके विरुद्ध सिद्ध न हो जाए, यह माना जाएगा कि कम आयु वाला बड़ी आयु वाले का उत्तरजीवी रहा।