772 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
(च) यदि अन्य कोई कारण हो जो उसके अलग रहने को न्यायोचित ठहराता
हो।
(3) एक हिंदू पत्नी अलग रहकर भरण-पोषण पाने की अधिकारिणी नहीं है यदि वह अपवित्र हो अथवा अन्य धर्मग्रहण कर लेने के कारण उसके हिंदू होने को खारिज कर दिया गया हो।
(150)
127. विधवा पुत्रवधू का भरण-पोषणः धारा 126 के तहत एक ससुर की अपनी विधवा पुत्रवधू के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उस सीमा तक ही है, यदि उसके पास इसके लिए साधन हो व विधवा पुत्रवधू अपनी संपत्ति अथवा अपने पति की जागीर या अपने पुत्र या उसकी जागीर से स्वयं को पोषित करने के काबिल न हो। ऐसी कोई भी जिम्मेदारी उसके पुनर्विवाह करने पर समाप्त हो जाती है।
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भाग 3ए, धारा 8, पृष्ठ 13