अध्याय 3- वसीयती उत्तराधिकार - Page 796

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131. उत्तराधिकारियों के आश्रितों के भरण-पोषण की सीमाः जहां कोई आश्रित वसीयत या बिना वसीयत के उत्तराधिकार में इस संहिता के लागू होने के बाद किसी हिंदू पुरुष की मुत्यु के बाद कोई हिस्सा प्राप्त न कर पाए, अथवा जहां वसीयती उत्तराधिकार के मामले में उस आश्रित स्त्री या पुरुष को इस भाग में जितना कहा गया है उससे कम हिस्सा मिलता है।

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भाग 3ए, धारा 3, पृष्ठ 12

इस भाग के प्रावधान के अनुसार वह उस उत्तराधिकारी से जिसे संपति का उत्तराधिकार मिला है, से भरण-पोषण पाने के अधिकारी हैः

परंतु उत्तराधिकारियों की जिम्मेदारी उसी अनुपात में होगी जिस अनुपात में उन्हें संपत्ति मिली है_

परंतु ये भी कि वह व्यक्ति जो स्वयं एक आश्रित है, वह अन्य लोगों को भरण-पोषण देने का जिम्मेदार नहीं हैं, यदि उसे जो हिस्सा मिला है वह इस भाग के तहत जो उसे मिलना चाहिए उससे कम है, जिसकी जिम्मेदारी उन्हें भरण-पोषण के रूप में देनी है।

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भरण-पोषण की राशि

132. भरण पोषण की राशिः

(1) इस भाग के तहत, पत्नी, बच्चों या बूढ़े माता-पिता को देने

वाले भरण-पोषण की राशि यदि कोई है, तय करने के लिए निम्न बातों को परखा जाएगा-

(क) पक्षों की स्थिति व स्तर_

(ख) दावेदार की न्यायोचित मांग_

(ग) यदि दावेदार पुत्र या पुत्री अपने पिता से अलग रह रहे

हैं तो क्या उनकी ऐसी मांग न्यायसंगत है_

(घ) दावेदार की संपत्ति और ऐसी संपत्ति से प्राप्त कोई

आय, और दावेदार की अपनी आय, अथवा किसी

अन्य माध्यम से प्राप्त आय_

भाग 3ए, धारा 6, पृष्ठ 13