66 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ऽहिंदू विवाह वैधता विधेयक
(प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए
समय-सीमा में वृद्धि)
पंडित ठाकुर दास भार्गव (पूर्वी पंजाबः सामान्य)ः मैं प्रस्ताव करता हूँः
फ्हिंदुओं सिखें, जैनों और इनकी अन्य अलग-अलग जातियों तथा उपजातियों के बीच वैध विवाह से जुड़े इस विधयेक पर प्रवर समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित तारीख को 25 मार्च, 1949 तक बढ़ा दिया गया है।य्
यहां आदेश-पत्र पर दी गई तारीख 11 मार्च है, परन्तु आपकी अनुमति से मैं इसमें संशोधन करके इसे 25 मार्च रखना चाहूँगा, क्योंकि माननीय विधि मंत्री दिल्ली से बाहर रहेंगे और वह इस कार्य के लिए अपना अधिक समय नहीं दे पाएँगे। इसलिए मैं इस संशोधन के साथ यह प्रस्ताव करता हूँ।
मैं यह कहना चाहता हूँ कि मुझे इस बात की बेहद चिंता है कि यह विधेयक इस सत्र में सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। इसीलिए मैं माननीय विधि मंत्री से यह निवेदन करता हूँ और इस विधेयक के प्रभारी प्राधिकारी से कि कृपया यह देखें कि प्रवर समिति 25 मार्च तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर ले। मैं सदन से यह निवेदन भी करता हूँ कि मेरा निवेदन प्राधिकारियों तक पहुंचा दिया जाए, ताकि यह विधेयक इसी सत्र में पारित कर दिया जाए क्योंकि यह विधेयक अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
श्री आर.के. सिधवा (सीपी और बरारः सामान्य)ः यह मामला पूर्णरूपेण चयन समिति के अधीन है। सदन को इस मामले में क्या करना है? मेरे माननीय मित्र को प्रवर समिति से निवेदन करना चाहिए कि रिपोर्ट को शीघ्रता से तैयार करें और आशा है कि चयन समिति ऐसा करेगी।
पंडित ठाकुर दास भार्गवः मैं यह तारीख बढ़ाना चाहता हूँ। मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूँ क्योंकि यह मेरी चिंता का विषय है कि विधि मंत्री को यह देखना चाहिए कि रिपोर्ट समय पर तैयार की जाए। अतः सदन को इस विषय में मेरा समर्थन करना चाहिए।
माननीय अध्यक्षः प्रश्न यह है किः
फ्हिंदुओं, सिखों और जैनों तथा इनकी जातियों एवं उपजातियों के बीच विवाह वैध करने से जुड़े इस विधेयक पर प्रवर समिति की रिपोर्ट के प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित समय 25 मार्च, 1949 तक बढ़ा दिया जाए।य्
यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया था।
ऽसीए. (विधा.) डी. खंड 2, भाग II, 28 फरवरी, 1949, पृष्ठ 940-56