76 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पास आराम से रहने के लिए कोना भी नहीं होगा। इसलिए श्रीमान, सम्पत्ति का प्रश्न अधिक विक्षुब्ध करने वाला प्रश्न है और हम यह विचार कर सकते हैं कि क्या बेटी को अपनी सम्पत्ति प्राप्त किये जाने के स्थान पर नकदी या आभूषणों के रूप में सम्पत्ति का अपना भाग लेने के लिए सहमत नहीं होगी, जैसा कि प्राचीनकाल और वैदिककाल में हुआ करता था। विवाह के समय बेटी का सम्पत्ति में कोई भाग नहीं हुआ करता था परन्तु सम्पत्ति के भाग के रूप में उसे पर्याप्त दहेज दिया जाता था।
इसके बाद विधानसभा भोजन के लिए ढाई बजे सायं तक स्थगित कर दी गई।
भोजन के बाद सायं ढाई बजे विधानसभा पुनः हुई।
माननीय अध्यक्ष (श्री एच.वी. कृष्णामूर्ति राव) विराजमान हुए
माननीय अध्यक्षः बहस प्रारंभ करने से पूर्व मैं एक सुझाव प्रस्तुत करना चाहूँगा। इस समय सूची में 25 नाम हैं। यह एक महत्वपूर्ण विधिकरण है और यथासंभव अधिकाधिक सदस्य इस संहिता पर अपने विचार व्यक्त करना चाहेंगे। इसलिए मैं माननीय सदस्यों से निवेदन करूंगा कि वे यथासंभव संक्षिप्त भाषण करें और विधेयक के पक्ष अथवा विपक्ष में केवल संगत विचार ही प्रस्तुत करें।
बाबू एम. नारायण सिंह (बिहारः सामान्य)ः श्रीमान, मेरा नाम भी सूची में सम्मिलित कर लिया जाए।
श्री बी. दास (उड़ीसाः सामान्य)ः मैं नहीं जानता था कि मुझे अपना नाम देना था। मैंने सोचा था कि मैं अध्यक्ष महोदय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लूंगा।
माननीय अध्यक्षः यही कारण है कि मैं माननीय सदस्यों से यह निवेदन कर रहा हूँ कि वे यथासंभव संक्षिप्त भाषण करें तथा विधेयक के पक्ष अथवा विपक्ष के मुख्य बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाएं। जो सदस्य बोलना चाहते हैं, वे कृपया अपने नाम की पर्ची भेज दें।
जनाब तजामुल हुसेन (बिहारः मुस्लिम)ः क्या मैं यह जान सकता हूँ, श्रीमान, कि मेरा नाम भाषण देने वालों की सूची में है? मैंने गत शुक्रवार को उपाध्यक्ष महोदय को इस बारे में बतलाया था।
माननीय अध्यक्षः नई पर्ची भेजने में कोई दिक्कत नहीं है।
श्री एच.वी. कामथः श्रीमान, मैं अपने छोटे-से भाषण को पुनः प्रारंभ करूं, इससे पूर्व आपको आश्वासन देता हूँ कि मैं अपेक्षाकृत कम समय लूँगा, मेरे माननीय मित्र पंडित ठाकुर दास भार्गव से जो उन्होंने लिया था।
माननीय अध्यक्षः आपने पहले ही एक घंटा ले लिया है।