86 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
श्री कृष्ण चन्द्र शर्मा : आप तो फौजदारी न्यायालयों में कार्य कर रहे हैं।
माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य पीठासीन अधिकारी को सम्बोधित करेंगे।
पंडित ठाकुर दास भार्गव : मैं आपराधिक मामलों के अपने मित्र जो वकील हैं, का बहुत आदर करता हूँ। साथ ही आपराधिक मामलों के वकील होने के नाते मेरी धारणाएं उनसे भिन्न हैं। आपराधिक और सिविल मामलों का वकील हूँ। परन्तु मुझे आपराधिक मामलों का वकील होने में गर्व है, साथ ही मैं आँखें बंद करके नहीं चलता। यदि कोई वकील जो आपराधिक मामलों से निपटता है। मेरे मित्र के दिमाग की तस्वीर पर खरा उतरता है तो उन्हें पता होना चाहिए कि समाज में क्या हो रहा है। आपराधिक वकील होने के नाते, मेरे मित्र को यह जानना चाहिए कि मेरठ तथा उसके आसपास क्या हो रहा है और जब मैं मेरठ के बारे में बोल रहा हूँ : मैं नहीं जानता कि मेरे मित्र के क्या व्यक्तिगत विचार हैं : मैं मेरठ में हालात जानता हूँ तथा मैं यह भी जानता हूँ कि वहाँ के हालात हिसार और रोहतक से अधिक भिन्न नहीं हैं। इसलिए, जब मैं पंजाब के लिए बोलता हूँ तो मैं अपने मित्र तथा मेरठ के लिए भी बोलता हूँ, क्योंकि पौराणिक काल में मेरठ भी हमारे पंजाब का एक हिस्सा था।
पंडित कृष्ण चन्द्र शर्मा : मैं अपने मित्र की जानकारी के लिए बता दूँ कि हिसार बैलों के लिए तथा मेरठ गायों के लिए प्रसिद्ध है।
श्री त्यागी : क्या मैं जान सकता हूँ कि बैलों और गायों का इस संहिता से क्या संबंध है?
माननीय उपाध्यक्ष : हिंदू संहिता विवाह से संबंधित है।
श्री राज बहादुर : मैं जान सकता हूँ कि क्या अतिरंजित कहानी इस सभा में उठाये जाने की अनुमति है?
माननीय उपाध्यक्ष : कृपया व्यवस्था बनाए रखें।
पंडित ठाकुर दास भार्गव : जब आपसे विवाह का प्रश्न उठाया है तो मैं कहना चाहूँगा कि इस संहिता में सिविल विवाह के सिद्धांतों को शामिल करना भी एक दूसरा मुद्दा है जिस पर उस सभा को विशेष रूप से विचार करना चाहिए। यदि यह हिंदू संहिता है तो सिविल मैरिज की क्या जरूरत है? मैं चाहता हूँ कि विवाह संबंधी प्रावधान यथावत रहने चाहिए। उन्हें पुनः दोहराने का कोई लाभ नहीं है। यदि आप ऐसी हिंदू संहिता चाहते हैं जो मुसलमान आदि जैसे अन्य लोगों पर लागू नहीं होगा तो इस सिविल विवाह के प्रावधान को इसमें मत लाओ। यदि कोई हिंदू इस