हिंदू कोड - जारी - Page 128

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आपके विरुद्ध अधिक जन-भावना इसलिए होगी कि आपको किसी तरह छोड़ दिया गया। क्या यह भेदभाव नहीं है? यदि यह भेदभाव नहीं है तो मैं भेदभाव शब्द का अर्थ समझने में असमर्थ हूँ हम एक ही प्रभुतासंपन्न शक्ति के नागरिक हैं। हम एक ही संविधान से बंधे हैं; हम एक ही प्रदेश में रह रहे हैं। इसमें एक को चार बार विवाह करने का विशेषाधिकार है जबकि मेरे जैसे व्यक्ति को एक से अधिक पत्नी रखने की हिम्मत नहीं हो सकती। इस स्थिति में ‘भेदभाव’ का अर्थ क्या है?

श्री त्यागी : बहुत बुरा है।

श्री राज बहादुर : क्या मैं जानकारी के लिए यह जान सकता हूँ कि माननीय सदस्य ने कितनी बार विवाह किया है?

श्री आर. के. चौधरी : यह एक व्यक्तिगत प्रश्न है। ऐसे बहुत सारे उदाहरण हैं। मेरे माननीय मित्र श्री त्यागी कहते हैं कि यह मेरा दुर्भाग्य था कि मुझे ऐसी भेदभाव वाली स्थिति में रखा गया है। इसे हम अंकगणित के तौर पर लेते हैं। यदि एक ही बार विवाह करने पर मुझे ‘भाग्यहीन’ कहा जाता है तो आप उस सज्जन को क्या कहोगे जो काफी लम्बे समय से विवाह नहीं कर पाये हैं। कल, मेरे माननीय मित्र श्री नजीरुद्दीन अहमद ने किसी प्रकार की मदद की बात कही थी जो मेरे कुछ आदरणीय मित्र हिंदू शास्त्र का उदाहरण देकर वोट के जरिये देंगे। वह सम्भवतः गैर-हिंदू होने के कारण स्वयं को असमंजस में महसूस कर रहे हैं तथा अपनी बात कहने से घबरा रहे हैं। मैं अपनी बात यहां पर स्पष्ट कर दूँ। पहली धारणा जिसके आधार पर वे हिंदू संहिता को समर्थन देना चाहते हैं, यह है कि हिंदू धर्म, हिंदू कानून से निकटता से जुड़ा है अर्थात् हिंदू कानून, हिंदू धर्म से निकटता से जुड़ा है, हिंदू धर्म से हिंदू कानून अलग नहीं हो सकता है। यहाँ यह एक धार्मिक प्रश्न है। यदि गृह मंत्रालय के प्रभारी मंत्री उन लोगों की गणना करते जो यह मानते हैं कि पुत्र न होने का अर्थ पाताल में जाने के बराबर है। आप देखेंगे कि दो तिहाई हिंदू इसमें विश्वास करते हैं।

श्री त्यागी : मैं यह जानना चाहता हूँ कि यदि किसी का पुत्र नहीं है तो वह क्या करेगा? वह उसके हाथ में नहीं है।

श्री आर. के. चौधरी : आपको अप्रासंगिक प्रश्नों में जाने की जरूरत नहीं है। मैं अपने माननीय मित्र से यही कहना चाहूँगा कि विवाह के संबंध में कोई आयु-सीमा नहीं है। इस संबंध में डॉ. अम्बेडकर ने दया दिखाई है। उन्होंने कहा कि एक से अधिक बार विवाह नहीं करो। आप एक दर्जन पत्नियों को तलाक दे सकते हो और तब भी आप पर दोबारा विवाह करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।