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यह संहिता उन परम्परागत कानूनों जो हिंदू संहिता के रहते हुए भी लागू रहेंगे, को पहले से ही शामिल नहीं करता है। उनको भी शामिल नहीं किया गया है जो हिंदू समुदाय के होने के बावजूद पृथक परम्पराओं से जुड़े थे। इसलिए, यह पाया जाता है कि ये भेद और वर्जन, दूसरे कानून के अंतर्गत आने के लिए अनुमतियां इस संहिता में पहले से ही मौजूद है। इसलिए मेरा निवेदन है कि यह माननीय विधि मंत्री तथा इस सदन से यही चाहते हैं कि इस संहिता को अनुज्ञात्मक विधान बनाया जाये।
मैं माननीय विधि मंत्री के सहानुभूतिपूर्ण विचार के लिए अन्य समस्याओं का भी जिक्र चाहूँगा, यह प्रतिपादित किया गया है कि इसके बाद सभी तलाकशुदा लोगों को पंजीकरण कराना होगा। जब मैंने इसे पढ़ा - इसे ही नहीं बल्कि संहिता के दूसरे पैराओं तथा धाराओं को भी - तो मैं आश्चर्यचकित हुआ कि यह संहिता वकीलों के लिए वास्तव में एक स्वर्ग है तथा इससे माननीय मंत्री के न्यायालयों में मौजूद सहयोगियों को फायदा होगा। आप इस संहिता को कल पारित कर सकते हैं। यदि हम सब इस विधान पर आगे चर्चा न करने तथा इसे कल पारित करने पर सहमत हो जाते हैं तो तब भी क्या हम गम्भीरता से यह सोचते हैं कि गांवों में रहने वाले लोग जिनमें माननीय विधि मंत्री जनमत संग्रह के द्वारा परामर्श लेने के लिए इस बहाने से मना कर रहे हैं क्योंकि वे अनभिज्ञ हैं, परसों से तलाकों और विवाहों का पंजीकरण कराना शुरू कर देंगे?
डॉ. अम्बेडकर : तलाकशुदा व्यक्तियों द्वारा पंजीकरण कराने का कोई प्रावधान नहीं है।
श्री श्यामनंदन सहाय : मुझे खेद है कि मैं इस पर समय लूँगा परन्तु सभा के विसर्जन से पहले मैं माननीय मंत्री को यह प्रावधान पढ़कर सुनाऊंगा। मैंने पहले ही उस खंड के संबंध में संशोधन प्रस्तुत कर दिया है।
श्री भारती : केवल विवाह के लिए पंजीकरण है। तलाकशुदा व्यक्तियों के लिए कोई पंजीकरण नहीं है। आप गलती कर रहे हैं।
माननीय उपाध्यक्ष : माननीय सदस्य के कहने का अर्थ यह है कि अदालत के निर्णय के अलावा संहिता के अंतर्गत कोई तलाक नहीं हो सकता है।
श्यामनंदन सहाय : हाँ। माननीय मंत्री ने दो मिलते-जुलते शब्दों के बीच फिर भेद किया है। यद्यपि उनसे यह अपेक्षा नहीं थी कि वह इनका सहारा लेंगे। यदि इसमें पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है तथा यह न्यायालय के माध्यम से ही है, तो भी यह मेरे तर्क को और मजबूत करता है। जब अधिकांश लोग - 33 करोड़ जिनमें से कई लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे हैं तथा जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों का