191
‘(4) यह संहिता यह इसका कोई भाग या इसका कुछ भाग किसी दूसरे व्यक्ति पर भी लागू होता है जो इस संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से अपनी सहमति की घोषणा करता है कि वह इस संहिता या इसके कोई भाग या इसके कुछ भागों, जो भी स्थिति हो, द्वारा शासित होगा।’’
( vii ) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन संख्या 3, खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन के भाग (1) के बाद, जोडि़एः-
‘‘(1क) उपखंड (3) में शब्द ‘प्रावधानों’ के स्थान पर ‘प्रावधानों में से कोई या प्रतिस्थापित किया जाए।’’
या विकल्प के रूप में, यदि सभा को वह स्वीकार्य न हो :-
( viii ) माननीय डॉ. अम्बेडकर क द्वारा प्रस्तावित संशोधन संख्या 3, खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में भाग (1) के बाद जोडि़ए :-
( ix ) डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में जो संख्या 3 पर मुद्रित है, प्रस्तावित खंड 2 का संशोधन है जिसे भाग (1) के पश्चात् जोड़ें- ‘‘(1ए) उपखंड (3) को अंत में प्रतिस्थापित करें जो किसी एक या अधिक मामलों से संबंधित है।
‘‘(1क)’’ उपखंड (3) में अंत में जोडि़ए-
‘‘यहाँ कोई या एक से अधिक विषय जिसकी चर्चा की गई है के संबंध में।’’
माननीय उपाध्यक्ष : ‘‘कोई एक या एक से अधिक’’ सामान्य अभिव्यक्ति है। क्या
| mi | kè;{ |
|---|
ऐसा नहीं है?
श्री जे. आर. कपूर : श्रीमान्, मैं आपके सुझाव से सहमत हूँ। डॉ. अम्बेडकर के
| v | kj |
|---|
संशोधन संख्या 3 में मेरे संशोधन इसके साथ ही समाप्त होते हैं।
मैं पिछले सत्र में अपने द्वारा रखे गए संशोधन में एक संशोधन की माँग करता हूँ।
मैं प्रस्ताव रखता हूँ :-
( x ) प्रस्तावित खंड 2 में मेरे द्वारा प्रस्तुत संशोधन में जिसकी संख्या 93 है, इस परंतुक को जोड़ा जाए :-
‘‘बशर्तें विवाह और तलाक से संबंधित भाग दो के प्रावधान केवल उन्हीं घोषणा -कर्त्ताओं पर प्रयोज्य होगा जब दोनों वर और वधू विवाह से पहले, या पति और पत्नी दोनों विवाह के बाद, ऐसी घोषणा करते हैं’’