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‘‘( iii ) एक नया भाग (ड.) जोडि़ए जो निम्नलिखित है :-
‘(ड.) इस संहिता के लागू होने के बाद किसी धर्म या पंथ में परिवर्तित होने वाले के लिए।’
(4) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर संशोधन संख्या 3, खंड 2 के उपखंड (1) में प्रस्तावित संशोधन के भाग ( ii ) में ‘‘सिख धर्म’’ के बाद जोडि़ए :-
‘‘या मुस्लिम, ईसाई, पारसी या यहूदी धर्म को छोड़कर किसी भी दूसरे धर्म में।’’
(5) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा रखे गए संशोधन संख्या 3, खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में, भाग (1) के बाद जोडि़एः-
‘‘(1क) उपखंड (2) के परंतुक में अंत में जोडि़ए, ‘जब तक कि उसने इस वास्ते वैसे मामलों में भी इस संहिता द्वारा शासित होने के संबंध में केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी सहमति घोषित न कर दी है।’’
(6) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन संख्या 3 खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में भाग (1) के बाद, बीच में जोडि़ए :-
‘‘(1क) उपखंड (3) में ‘प्रावधानों’ शब्द को ‘किसी या अधिक प्रावधानों’ शब्दों से प्रतिस्थापित कीजिए।’’
(7) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा रखे गए संशोधन, संख्या 3, खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में, भाग (1) के बाद, जोडि़ए :-
‘‘(1क) उपखंड (3) के अंत में जोडि़ए ‘यहाँ विचार किए गए किसी या अधिक विषयों के संबंध में।’’
(8) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा रखे गए संशोधन संख्या 3, भाग (2) के लिए स्थानापन्न :-
‘‘(2) उप-खंड (4) के लिए, निम्नलिखित प्रतिस्थापित हो, नामतः -’’
‘यह संहिता या इसका कोई भाग या उसके कुछ भाग किसी भी दूसरे व्यक्ति पर जो इस वास्ते इस संहिता या इसके किसी या कुछ भागों, जैसी भी स्थिति हो, द्वारा शासित होने की केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहमति देने की घोषणा करता है, लागू होता है।’
(9) माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा रखे गए संशोधन संख्या 3, भाग (2) के बाद जोडि़ए :-