हिंदू संहिता : जारी - Page 222

207

उद्देश्य से संशोधन रखा जा सकता है, और इस स्थिति में उस विषय पर जरूर चर्चा होगी। लेकिन नए संशोधनों के मामले में, मैं आशा करता हूँ कि सभा भी सहमत होगी कि चूँकि उससे एक नई बहस ही छिड़ जाएगी इसलिए उन्हें अनुमति नहीं देनी चाहिए।

ख़्वाजा इनायतउल्ला (बिहार) : क्या संविधान की भावनाओं के विरुद्ध पेश किया गया संशोधन नियम विरुद्ध नहीं होगा?

माननीय उपाध्यक्ष : माननीय सदस्य उन मुद्दों को जिसे नियम विरुद्ध या सभा के अधिकार क्षेत्र के बाहर का समझते हैं, कि ओर जब ऐसा विषय आता है मेरा ध्यान दिला सकते हैं।

श्री एम. नायक (उड़ीसा) : यदि प्रस्तुत किया संशोधन दो या अधिक सदस्यों के नाम में हैं, तो क्या उस संशोधन को केवल एक ही सदस्य के द्वारा या सभी सदस्यों के द्वारा जिन्होंने इसकी सूचना दी है पेश किया गया समझा जाएगा?

माननीय उपाध्यक्ष : मैं समझूँगा कि इसे उन सभी ने पेश किया है।

श्री एम. नायक : क्या होता है जब माननीय सदस्य जिसने इसे पेश किया था अभी अनुपस्थित है?

माननीय उपाध्यक्ष : मैं निरापद प्रक्रिया अपनाऊँगा। यह सच है कि एक से अधिक सदस्यों ने एक संशोधन की सूचना दी है और यदि वह अपनी सीट पर नहीं है तो कोई दूसरा माननीय सदस्य इसे रख सकता है। प्रश्न यह है कि यदि सभी सदस्य अपनी सीट पर हैं तो क्या यह मानना होगा कि उन सभी ने इसे पेश किया है। पूरी सावधानी के लिए हम कह सकते हैं कि उन सभी सदस्यों ने इसे पेश किया है जिससे कि अंततः जब उस संशोधन को वापस लेने का प्रश्न उठता है और जिस सदस्य ने इसे पेश किया है वह अपनी सीट पर नहीं है, तो दूसरे सदस्यों में से कोई भी इसे वापस ले सकता है।

श्री आर. के. चौधरी : यदि अभी प्रस्तुत किए गए किसी भी नए संशोधनों का मैं विरोध करना चाहता हूँ तो ऐसा मैं कब कर सकता हूँ?

माननीय उपाध्यक्ष : जब वे खड़ा होते हैं और बोलने के लिए उनका नाम पुकारा जाता है। उन्हें सभी संशोधनों पर बोलने का अधिकार है। (एक माननीय सदस्य : एक श्रेणी का?) हम लोगों ने सभी श्रेणियों को समाप्त कर दिया है।

जहाँ तक खंड 2 का संबंध है, मैंने माननीय सदस्यों को सभी संशोधनों को