हिंदू संहिता जारी.... खंड : 2 (संहिता की प्रयोज्यता) : जारी - Page 264

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हिंदू संहिता जारी....

खंड : 2 (संहिता की प्रयोज्यता) : जारी

माननीय उपाध्यक्ष : अब सभा प्रवर समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार हिंदू विधि की शाखाओं को संशोधित और संहिताबद्ध करने हेतु विधेयक पर आगे चर्चा शुरू करेगी।

डॉ. देशमुख (मध्य प्रदेश) : महोदय, कल जब मैंने अपना भाषण अधूरा छोड़ा था और अभी के समय के बीच दो विशिष्ट महिलाएँ जिन्होंने हिस्सा नहीं....

श्री सोंधी (पंजाब) : ‘‘विशिष्ट महिलाओं’’ का क्या अभिप्राय है?

डॉ. देशमुख : दो सुसंस्कृत और....

श्री सोंधी : आप आधुनिक महिलाएं भी कह सकते हैं।

* डॉ. देशमुख : नहीं, उतनी आधुनिक नहीं जितना कि हम देखने के आदी हो गए हैं। जैसा कि मैं कह रहा था, इन महिलाओं ने मेरे सामने बहुत ही सशक्त रूप से और सत्यनिष्ठा से अपने दृष्टिकोण रखे हैं। यह स्पष्ट था कि वे इस विधेयक को दूसरे ही दृष्टिकोण से देखती हैं। और जबकि माननीय प्रधानमंत्री यहाँ हैं, मैं यह भी कह सकता हूँ कि इन महिलाओं ने शिकायत की थी कि उनके दृष्टिकोण पर प्रधानमंत्री के द्वारा भी पर्याप्त विचार नहीं किया गया और यह कि उनकी भावनाओं और दृष्टिकोण की प्रबलता जिसे वे उनके सामने रखना चाहती थीं की उन्हें सूचना देने का मार्ग में रोड़े अटकाने के भी प्रयास किए गए। यदि यह सत्य है, और यदि ऐसा करने में अत्यधिक विलम्ब नहीं हो चुका हो, तो मैं कृतज्ञ होऊँगा यदि ये महिलाएँ अपने दृष्टिकोण को सामने रखने के लिए प्रधानमंत्री से मिलें। वे किसी भी और स्वरूप में हिंदू संहिता विधेयक और तलाक तथा एक विवाह प्रथा से संबंधित प्रावधानों के पूर्ण विरोध में हैं। वे कहती हैं कि यह हिंदूवाद और हिंदूधर्म पर हमला है जो किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। वे यह भी मानती हैं कि ये निश्चित तौर पर आमूल सुधारवादी हैं और ये कुछ के द्वारा प्रायोजित हैं....

विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : अपने ज्ञानप्रकाश के लिए, मैं चाहूँगा कि माननीय सदस्य बताएँ कि ‘‘वे’’ से उनका क्या अभिप्राय है। मैं उनके वाक्य के आरंभिक अंश को नहीं सुन सका था।

एक माननीय सदस्य : दो सुसंस्कृत महिलाएं उन्होंने कहा।

’संसदीय वाद विवाद, खंड-ग्ट, भाग-प्प्, 18 सितम्बर, 1951, पृष्ठ 2742-50