हिंदू संहिता जारी.... खंड : 2 (संहिता की प्रयोज्यता) : जारी - Page 266

251

श्री जवाहरलाल नेहरू : परेशानी यह है कि उन्होंने खासकर मेरा उल्लेख किया है और वह चाहते हैं कि अज्ञात लोगों को जिनका कुछ अता-पता नहीं है को मैं देखूँ। यह मैं कैसे कर सकता हूँ?

डॉ. देशमुख : प्रधानमंत्री के सम्मुख उपस्थित होते ही वे अज्ञात और अदृश्य नहीं रह जाएंगे।

श्री करुणाकरण मेनन (मद्रास) : क्या वे साठ से ऊपर के हैं या साठ से कम?

माननीय उपाध्यक्ष : स्पष्ट है प्रधानमंत्री ने उन महिलाओं को साक्षात्कार नहीं दिया है। यदि माननीय सदस्य नाम बताने के इच्छुक नहीं हैं, तो वह उन्हें सम्प्रेषित कर देंगे।

श्रीमती दुर्गाबाई : सिवाय इसके कि वे गुमनाम रहना चाहती हों।

डॉ. देशमुख : कदापि नहीं। उनके भिन्न दृष्टिकोण रखने वाली महिला होने मात्र ने ही यहाँ हमारी बहनों को उत्तेजित कर दिया है। (व्यवधान)। उन्हें भी यह मालूम है कि अनेक महिलाओं, कुछ वही महिलाएँ नहीं जो मुझसे मिलने आई थीं, ने ऑल इंडिया वूमेन्स कान्फ्रेन्स को छोड़ दिया है।

कई माननीय सदस्यगण : वे कौन हैं? (व्यवधान)

डॉ. देशमुख : मैं न केवल उनके नाम ही बता सकता हूँ अपितु यदि मैं उन्हें पूरी संख्या में आपके सम्मुख उपस्थित कर दूँ तो आप भयभीत हो जाएंगे। उनकी संख्या इतनी अधिक है कि उनका नाम बताना असंभव है।

श्री सिद्धवा (मध्य प्रदेश) : वे अज्ञात महिलाएं हैं - वे कल कन्स्टीट्यूशन हाउस में प्रचार कर रही थीं।

डॉ. देशमुख : आपने उनमें से दो को कल देखा है।

श्री सिद्धवा : वे अज्ञात महिलाएँ थीं।

डॉ. देशमुख : ये वही महिलाएँ हैं जिनका मैं उल्लेख कर रहा हूँ।

माननीय उपाध्यक्ष : माननीय सदस्य अपना स्थान ग्रहण करें। यह अत्यन्त ही विवादास्पद विषय है। इसके पक्ष में भी काफी लोग हैं ताकि इसके विपरीत विचार रखने वालों की संख्या भी काफी है। अज्ञात महिलाओं और अज्ञात पुरुषों के बारे में बात करना ठीक नहीं है। इससे सभा की कार्यवाही की मान-मर्यादा नहीं बढ़ती