हिंदू संहिता जारी.... खंड : 2 (संहिता की प्रयोज्यता) : जारी - Page 283

268 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

मताधिकार के आधार पर चुने जाने वाली अगली संसद का विवाह और तलाक के मामले में ज्यादा सुधारवादी होना निश्चित है।

कुछ माननीय सदस्यगण : इसे अगले संसद पर छोड़ दीजिए।

श्री गाडगिल : यद्यपि यह इतना ज्यादा सुधारवादी नहीं होगा कि संपत्ति संबंधी विषय से शुरू करें। विवाह के संबंध में, तलाक के संबंध में, मुझे तनिक भी संदेह नहीं है, कम से कम उस सीमा तक जहाँ इस देश के मेरे क्षेत्र महाराष्ट्र में निवास करने वाली जनता के विचार और सामान्य दृष्टिकोण को मैं जानता हूँ।

श्री भट्ट (बम्बई) : इसे अगले संसद पर छोड़ दीजिए।

श्री गाडगिल : हम लोगों ने इसका स्वागत किया होगा। मैं इस पर सहमत होता यदि संविधान में जिन आदर्शों और उद्देश्यों को मूर्त्त रूप प्रदान किया गया उन्हें जहाँ तक संभव हो सके कार्यान्वित करने का दायत्वि हमें नहीं सौंपा गया होता। यह इस दायत्वि के कारण है। मैं इस संहिता को समर्थन देने के लिए सहमत हो चुका हूँ।

श्री भट्ट : आसमान नहीं गिर रहा है आज।

श्री गाडगिल : यदि इसे पारित कर दिया जाए तो क्या आसमान गिर पड़ेगा? आसमान ऊपर है और हम लोग नीचे। यहाँ क्या घट रहा है उसे देखिए।

श्री आर. सी. उपाध्याय (राजस्थान) : यही कारण है कि बारिश नहीं होती है।

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श्री गाडगिल : अब डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने पूछा, ‘‘एक विवाह प्रथा केवल हिंदुओं के लिए ही क्यों?’’ मैं एक सवाल पूछता हूँ। यदि एक विवाह प्रथा एक अच्छा आदर्श है, तो चूँकि कोई दूसरा इसका अनुसरण नहीं करता है इसलिए यह बुरा बन जाता है? हम राम राज्य की बात करते हैं। यदि महान राम के जीवन और कृतत्व में कोई चीज है तो वह उनका एक पत्नी व्रत है। मैं आपकी सत्यनिष्ठा की जांच करना चाहता हूँ। क्या आप राम राज्य के पक्ष में हैं? यदि हाँ, तो कम से कम इस भाग का समर्थन कीजिए। जब आपको राम राज्य चुनाव के दृष्टिकोण से उपयुक्त लगे तो इसका बात करना ठीक नहीं है और जब आपको यह उपयुक्त नहीं लगे तो....

श्री आर. के. चौधरी : दशरथ राज्य के बारे में क्या ख्याल है? राम के पिता दशरथ ने क्या किया?

श्री गाडगिल : वह पुरानी पीढ़ी के बाद नई पीढ़ी के द्वारा बेहतरी है। चूँकि वह