खंड 2 : (संहिता का प्रयोग) - Page 29

14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्री झुनझुनवाला : मेरा प्रस्ताव है कि :-

खंड 2 में परन्तुक (शर्त) जोड़े :-

‘‘यद्यपि यह दिया गया है, उपयुक्त खंड में कुछ भी होने के बावजूद यह संहिता हर उस व्यक्ति पर लागू नहीं होगी जब तक कि ऐसे व्यक्ति का नाम ऐसी संस्था में पंजीकृत न हो और वह भी अब के बाद संसद द्वारा प्रयुक्त तरीके से पिता के लागू होने के एक वर्ष के अंदर जब तक कि नाबालिग बालिक नहीं होता।’’

माननीय अध्यक्ष : मैंने संशोधन रखने वाले हर एक सदस्य के लिए बुलाया है। पर जब मैंने श्री शिवचरण लाल और प्रो. के. के. भट्टाचार्य को बुलाया तो वे अनुपस्थित थे। लेकिन हमने संशोधन प्रस्तुत करने का जो तरीका अपनाया है, हो सकता है इन दोनों सदस्यों ने यह आशा न की हो कि संशोधन प्रस्तुत करने के लिए उन्हें इतनी जल्दी बुला लिया जाएगा। यद्यपि मैं स्पष्ट हूँ कि जब विधेयक पर चर्चा शुरू हुई जैसा कि हमने शुरू से ही यह तरीका अपनाया उन्हें अपनी जगह पर होना चाहिये था। मैं सोचता हूँ अब अगर वे सदन में उपस्थित रहें और संशोधन प्रस्तुत करना चाहें तो उन्हें बाद में संशोधन प्रस्तुत करने का मौका दिया जाएगा।

श्री जे. आर. कपूर (उत्तर प्रदेश) : महोदय, मैं दो संशोधनों की तरफ ध्यान

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दिलाना चाहता हूँ। उनमें से एक संशोधन पूरक सूची संख्या-1 के अंतर्गत श्री झुनझुनवाला का संशोधन नं. 18 है।

माननीय अध्यक्ष : क्या माननीय सदस्य कोई ठोस संशोधन रखना चाहते हैं?

श्री जे. आर. कपूर : नहीं, संख्या-1 को ऐसा कहा जा सकता है, पर 2 को नहीं।

माननीय अध्यक्ष : वास्तव में संख्या-2 श्री झुनझुनवाला के संशोधन का ही संशोधन है। मैं उसे प्रस्तावित करने के लिए स्वीकार करता हूँ।

श्री जे. आर. कपूर : जहाँ तक संख्या-1 का सम्बन्ध है, ऐसा हुआ कि इसे पूर्ण रूप से प्रारम्भिक संशोधन का ही रूप दिया गया है। यद्यपि मैंने सूचना कार्यालय को इसे श्री झुनझुनवाला के संशोधन नं. 13 के रूप में ही दिया था। इसको और अच्छी शक्ल देने के लिए नोटिस आफिस ने इसे अलग से संशोधन के रूप में दे दिया। इसलिए मैं आशा करता हूँ कि आप इसे स्वीकार करेंगे। सभी कुछ खुलकर चर्चा हेतु रखा जाएगा और इसकी स्वीकृति की वजह से विषय के निपटाने की सही व्यवस्था में कोई बाधा नहीं होगी।

माननीय अध्यक्ष : प्रश्न निपटान का नहीं है। अगर मैं संशोधनों को अन्तिम क्षण तक स्वीकृति देता रहा तो वे मतदान के अन्तिम चरण तक आते रहेंगे। इसलिए मैं सहमत नहीं हूँ.....