304 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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श्री भट्ट : वह शराब का नशा दूसरे दिन निकल जायेगा, फिर सब ठीक हो जायेगा। आपको यह मालूम नहीं है कि वह तो उनकी आदत बन जाती है। हमारी अच्छी-बुरी कई आदते हैं और नशे के बारे में तो कई आदमी ऐसे पीने वाले हैं, जिनको मैंने देखा है, कि उनके सामने व्हिस्की की दो-दो, तीन-तीन, बोतलें ला दीजिये लेकिन उनको नशा नहीं होगा। डॉक्टर साहब को तो याद होगा कि बम्बई की बार कौउन्सिल वगैरह में कई आदमी तो ऐसे होते थे कि जब तक वह एक आधा पैग चढ़ा कर नहीं आवें तब तक वह पूरी दलील नहीं कर सकते थे।
माननीय उपाध्यक्ष : सदस्य महोदय धारा-2 के किस प्रावधान पर बोल रहे हैं? यह बताने का कष्ट करेंगे?
डॉ. अम्बेडकर : हम निष्क्रांत संपत्ति बिल पर विचार कर रहे हैं।
श्री भट्ट : माफ कीजियेगा, थोड़ा-सा विषयान्तर हो गया। लेकिन मेरे दूसरे मित्र ने इस बारे में चर्चा की थी। तो मैं यह अर्ज कर रहा था कि यह कोई नहीं कहता कि एकापरनीत्व रखने से या न रखने से आप संसार को सुधार रहे हैं या बिगाड़ रहे हैं। इस पर कानूनी पाबन्दी लगाने की क्या जरूरत है? अगर लगाते हैं तो अच्छा है लगाइये। लेकिन फिर इस को हिन्दुस्तान के सब लोगों पर लगाइये क्योंकि इससे मुसलमानों को भी रंज नहीं होगा वह भी कहेंगे कि अच्छी बात है लगाइये। जैसे सब पर शारदा कानून लागू हो गया है इसी तरह यह भी लागू हो जायेगा। फिर तलाक की बात का जहां तक सम्बन्ध है तो तलाक का विधान तो उनमें है ही। मेरा कहना यह है कि आप जो कुछ भी कानून बनाना चाहते हैं वह आप सब पर लागू करें, किसी को मत छोडि़ये। जो हिन्दुस्तान के रहने वाले हैं उन सब पर यह लागू करें।
मैं मानता हूँ कि आप बहुत कुछ हद तक हम लोगों के विचारों को जगह देने के लिए तैयार हो गये हैं। आप इतने ढीले पड़ गये क्योंकि आपने स्थिति भांप ली है। तो अब आप कुछ नहीं करना चाहते हैं तो कम से कम एक काम तो कीजिये पुनःविधेयक से विवाह और तलाक की धाराएं हटा दीजिये और उनका एक अलग कानून बना दीजिये जो सभी हिंदू वासियों पर लागू हो।
अगर, आप ऐसा कर देंगे तो सब खुश हो जायेंगे और आपको धन्यवाद देंगे और कहेंगे कि आपने बड़े पुरुषार्थ का कार्य किया है। इसका जो विरोध हो रहा है वह समाप्त हो जायेगा, और लोग कहेंगे कि आखिर हमारी सरकार ने सोच-समझकर सही कदम उठाया है और उसको, हमको पूरी न सही लेकिन ज्यादा से ज्यादा तसल्ली है। तो आप सोच-समझ कर यह रास्ता अख्तियार कीजिये। जब आप इसे