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- खंड-2 के उपखंड (1) के साथ (ख) के स्थान पर ‘‘(ख) कोई भी व्यक्ति
जो धर्म से जैन है।’’
- खंड-2 के उपखंड 1 के भाग (घ) में ‘‘जैन या सिख’’ के स्थान पर ‘‘और
जैन’’
- खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ख) से ‘‘या सिख’’, हटाएँ।
- खंड-2 के उपखंड-1 के भाग (ग) ( i ) ‘‘अवैध’’ के बाद जोड़ें :
‘‘वह, अगर उसकी 18 वर्ष की आयु हो गई है, अपने आप हिंदू है।’’ 13. खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ग) ( ii ) में ‘‘जिसके माता-पिता हिंदू हैं’’
के स्थान पर ‘‘जिसके माता-पिता हिंदू हैं या थे।’’
- खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ग) ( ii ) में ‘‘शामिल हैं या शामिल थे’’ के
बाद जोड़ें ‘‘और वह, अगर उसकी अठारह वर्ष की आयु हो गई है, स्वयं
हिंदू हैं।’’
- खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ग) के बाद जोड़ेः
‘‘( iii ) कोई भी परित्यक्त बालक जिसका लालन-पालन किसी समुदाय, समूह या
परिवार के सदस्य के रूप में हुआ हो, जिससे माता-पिता का सम्बन्ध हो।’’ 16. खंड-2 उपखंड (1) के भाग (घ) के स्थान पर :-
‘‘(3) बशर्तें कि धर्म परिवर्तन से पहले अधिकार और जिम्मेदारियों के रहते
हिंदू धर्म परिवर्तन करने वाले के लिए।’’
- खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ग) के बाद जोड़ें :-
‘‘(ड) अपने जीवनकाल में बौद्ध, जैन, सिख या हिंदू से मुसलमान या ईसाई
बनने वालों के लिए।’’
खंड-2 के उपखंड (2) को हटाएँ।
खंड-2 के उपखंड (2) में ‘‘पारसी’’ के बाद ‘‘सिख’’ जोड़ें।
खंड-2 के उपखंड (2) के बाद जोड़े :-
‘‘(2 क) यह संहिता उस महिला पर भी लागू होती है, चाहे वह कोई भी धर्म
को मानती हो, जिसका विवाह हिंदू, बौद्ध, जैन या सिख से हुआ हो।