19
और अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि हमें अपने किसी समस्या का हल नहीं मिलेगा। अगर हम अलग-अलग विचार करेंगे तो अपने भाषणों को दोहराने से बच सकते हैं। मेरी यह राय केवल एक सुझाव ही है।
माननीय अध्यक्ष : अगर हम सब यह निश्चय कर लें कि एक ही बात बार-बार नहीं दोहराएंगे तो हमें पुनरावृत्ति से ज्यादा डरने की आवश्यकता नहीं होगी। वास्तव में अध्यक्ष को यह देखने पर बहुत अधिक जोर देना पड़ सकता है कि पुनरावृत्ति न हो, लेकिन अध्यक्ष जो भी कर सकता है, अच्छा ही करेगा।
डॉ. अम्बेडकर : श्री नजीरुद्दीन अहमद को अपनी स्वीकृति दें।
श्री सरवटे : महोदय, प्रारम्भ में एक आपत्ति उठाई गई थी कि मेरे संशोधन से विधेयक का क्षेत्र विस्तारित हो जाएगा। मैं अपने भाषण के दौरान यह बताने का प्रयत्न करूंगा कि अगर ऐसा होगा भी तो वह किसी भी तरह एक विधेयक के या संविधान के परन्तुकों के विरुद्ध नहीं होगा। (पंडित ठाकुर दास भार्गव अध्यक्ष की कुर्सी पर)
जहाँ तक मैं जानता हूँ ‘‘हिंदू’’ शब्द की कोई एक परिभाषा नहीं है। हिंदू शब्द के लक्ष्यार्थ और मुख्यार्थ समय-समय पर और स्थान-स्थान पर बदलते रहते हैं। शायद एक समय होगा जब इसका अर्थ वही होगा जो मैंने अपने संशोधन में प्रस्तावित किया है। मैं ऐसे दृष्टांत दे सकता हूँ जहाँ ‘‘हिंदू’’ शब्द का अर्थ विभिन्न प्रकार से लिया गया है। मुझे बताया गया है कि सत्यप्रकाश में हिंदू शब्द का अर्थ है ‘‘जो कोई भी भारत में रहता हो।’’ बम्बई के सुधारक सावरकर के अनुसार जो कोई भी भारत में पैदा हुआ है और जो उसे अपनी पवित्र भूमि मानता हो वह हिंदू है। उनका कहना हैः-
आ सिंधु-सिंधु पर्यंता, यस्य भारत भूमिका। पितृभूः पुण्यभूश्चैव, सर्वे हिन्दूरिति स्मृतः।।
यह कहा गया है जो भी भारत को अपनी मातृभूमि या अपनी पवित्र भूमि समझता हो उसे हिंदू माना जा सकता है। मुझे यह कहना न होगा कि अमेरिका में या शायद दक्षिण अफ्रीका में भी जो भारत से आया हो ‘‘हिंदू’’ नाम से जाना जाता है। इसलिए मेरे संशोधन में कोई नई चीज नहीं है। लेकिन इसका मतलब वही है जो हम ‘‘हिंदू’’ शब्द के लिए लगा रहे हैं। फिर भी मैं इस ओर भी संकेत कर देना चाहता हूँ कि इसका कुछ भी अर्थ हो इस अधिनियम में ‘‘हिंदू’’ शब्द केवल हिंदू कानून तक ही सीमित नहीं है। परिभाषा के उपखंड (अ) में इस के प्रयोग के बारे में कहा गया है, ‘‘सभी हिंदुओं पर, जैसा कि कहा जाता है, सभी व्यक्ति जो हिंदू धर्म को मानते हैं,’’ और (ख) में : ‘‘कोई भी व्यक्ति जो धर्म से बौद्ध, जैन या सिख है।’’