330 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
के बारे में कभी नहीं सोचा है उस ने तो कभी भी धर्म शास्त्र का नाम तक नहीं सुना है। अपने नित्य प्रति के व्यवहारिक जीवन में वह कभी धर्म शास्त्रा से मार्ग निर्देश प्राप्त नहीं करता है। वह ठीक वैसा ही है जैसा कि स्पेन का किसान है। जिसने कभी भी बाईबल का नाम न सुना हो। इन हिंदू सम्प्रदायों पर हिंदू विधि लागू नहीं हो सकती है। क्योंकि उन्होंने इस बारे में कभी नहीं सुना है और न ही इनका पालन किया है। यह विधि एक और ही समाज के लिये बनाई गई है।’’
माननीय उपाध्यक्ष : पुस्तकों से उद्धृत विषय थोड़ा होना चाहिये। हमें यहां पूर्ण पुस्तक, अध्याय इत्यादि के पाठ नहीं पढ़ने चाहिए।
सरदार बी. एस. मान : उद्धरण तो बहुत लम्बा था मैंने उसे छोटा कर दिया है। मैंने इसे आरम्भ से थोड़ा-सा पढ़ा है, फिर अन्त में से पढ़ा है।
माननीय उपाध्यक्ष : पुस्तक कौन सी है?
सरदार बी. एस. मान : यह रूस्तम जी की पुस्तक है ‘‘कस्टमरी लॉ ऑफ पंजाब’’ यह उद्धरण 1903 में 55वें पंजाब रिकार्ड की पूर्ण पीठ के एक निर्णय से है।
मुझे इसका उल्लेख इसलिये करना पड़ा, क्योंकि इससे पूर्व माननीय डॉ. अम्बेडकर ने प्रिवी कौंसिल के एक निर्णय का उल्लेख किया था, जिसमें उन्होंने बताया था, कि लंबे अरसे से हिंदू विधि के द्वारा प्रशासित होते आए हैं।
आज मैं इस गलत धारणा का अंत करके रहूँगा और यह साबित कर दूँगा कि हम हिंदू विधियों से कभी भी प्रशासित नहीं हुए। वर्तमान स्थिति यह है हमारे नियम-विधान हिंदुओं से बिल्कुल अलग हैं। वो अपनी बात सच मानते हैं और मैं अपनी बात सच मानता हूँ। इसलिए मैं थोड़ा समय और चाहता हूँ। मैं, आपकी इस चिंता को समझता हूँ कि आप इसे जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं लेकिन महोदय, क्योंकि संशोधन प्रस्तुत हो चुके हैं कि सिखों पर यह विधेयक लागू न हो और यह सिख समुदाय के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिये मुझे तनिक विषयान्तर करने की भी आज्ञा दीजिये।
माननीय उपाध्यक्ष : क्योंकि इस विधेयक को विवाह तथा विवाह-विच्छेद तक ही सीमित रखा गया है, इसलिये माननीय सदस्य यह सिद्ध करें कि यह विधेयक उन की लोक व्यवस्था से कितना असंगत है।
सरदार बी. एस. मान : मैं केवल उन्हीं विधियों का उल्लेख करूंगा, जो विवाह तथा विवाह-विच्छेद से सम्बन्ध रखती हैं। वर्तमान विधि विवाह के लिये कुछ निषिद्ध पीढि़यों को लागू करना चाहती है, जो सिखों के आज तक के इतिहास में उन पर कभी भी लागू ही नहीं हुई हैं।