हिंदू संहिता-(जारी) खंड 2, (संहिता की प्रयोज्य लागू होना) - जारी - Page 346

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माननीय उपाध्यक्ष : क्या अपवाद नहीं हो सकता है? जैसा कि दक्षिण में है वहां पर कई रिवाजों के अनुसार साधारण नियमों का उल्लंघन, जैसे कि मामा की लड़की से विवाह आदि को एक अपवाद बना दिया गया है। यहां भी ऐसा हो सकता है।

सरदार बी. एस. मान : बिल्कुल सही, महोदय आप मेरी सहायता कर रहे हैं। यदि माननीय विधि मंत्री यह कह दें कि विवाह सम्बन्धी विषयों में पंजाब के तथा सिखों के रिवाजों का आदर किया जायेगा तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। तब मैं नहीं बोलूँगा।

श्री भारती : क्या मैं माननीय सदस्य का ध्यान खंड-7 के भाग (5) की ओर दिला सकता हूँ जिसमें यह उपबंधित है, ‘‘जब तक रिवाज अथवा प्रणाली जिन से वे प्रशासित हैं, दोनों के मध्य ऐसे विवाह की आज्ञा न दें।’’ रिवाज एक स्थानीय विधि है तथा इस का प्रभाव विधि से अधिक होता है। ऐसा केवल दक्षिण में ही नहीं है। जहां पर भी इन बातों के लिए कोई निश्चित रिवाज है, यह वहां लागू होता है।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : परन्तु वह तो यह चाहते हैं कि विवाह सम्बन्धी सारे प्रासंगिक विषय भी रिवाज के अधीन हों। वह इस ओर ही इशारा कर रहे हैं।

श्री भारती : परन्तु वह तो निषिद्ध पीढि़यों के बारे में बोल रहे थे इसलिये मैंने इस ओर संकेत किया था।

माननीय उपाध्यक्ष : किसी भी विधि में ऐसी आज्ञा नहीं है कि भाई-बहन का विवाह हो जाये। इसे अदालत भी मानती है। अगर ऐसे मामले और निषिद्ध पीढि़यां और भी हैं चाहे वह खण्ड-5 के अधीन हों अथवा खण्ड-7 के। यथोचित संशोधन किये जा सकते हैं तथा उन पर विचार हो सकता है।

सरदार बी. एस. मान : मेरा यह कहना है कि मुसलमानों तथा ईसाइयों को इस वजह से इससे अलग रखा गया है कि उनके व्यक्तिगत कानून अलग हैं तो सिखों को इस से अलग क्यों नहीं रखा गया? क्योंकि व्यक्तिगत कानून भी भिन्न हैं। हम भले ही संख्या में कम हैं।

माननीय उपाध्यक्ष : माननीय सदस्य ने यह तर्क कई बार दिया है, अब उसी की पुनरावृत्ति नहीं करनी चाहिये।

सरदार बी. एस. मान : महोदय, मैं सदन में प्रचलित एक उत्तम परंपरा का आश्रय लेकर यह कहता हूँ कि जब कोई विधि, किसी भी समुदाय के सम्बन्ध में बनाई जाए। तो उसे बनाने से पूर्व उस समुदाय के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जाये और उनकी राय पर विचार किया जाए? मैं इसी परंपरा की बात कर रहा हूँ। क्या इस परंपरा को हमारे मामले में लागू नहीं किया जा सकता। अगर इसे