हिंदू संहिता-(जारी) खंड 2, (संहिता की प्रयोज्य लागू होना) - जारी - Page 349

334 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय उपाध्यक्ष : चाहे किसी भी प्रकार का विवाह हो, जैसा आपने बताया चादर डालना आदि-इनकी इस विधेयक में रोक नहीं है।

सरदार बी. एस. मान : महोदय, अगर आप अनुमति दें तो मैं अपनी बात स्पष्ट कर लूँ। विवाह के इस रूप में कोई रिवाज नहीं अपनाया जाता है। यहां तक कि चादर डालन भी नहीं। यदि एक गांव में स्त्री-पुरुष एक ही घर में लंबे समय से इकट्ठे रहते हों, तथा गांव वाले यह विश्वास कर लें कि वे पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं तो उस विवाह को भी मान्यता दी जाती है। इस प्रकार के विवाह में चादर डालने की भी आवश्यकता नहीं होती। इस सम्बन्ध में न्यायपालिका के भी निर्णय हैं।

माननीय उपाध्यक्ष : उसके लिए भी साक्ष्य विधान में अनुमान किया गया है।

सरदार बी. एस. मान : जी नहीं, महोदय। इस विषय पर मेरी राय आपसे अलग है। कानूनी मुद्दे पर यदि ऐसा विवाह धार्मिक अथवा अन्य पद्धतियों की परिभाषा में न आये तो वह इसे नहीं मानेंगे। वहां तो रिवाज इत्यादि पर ज़ोर दिया गया है। कोई न कोई रिवाज होना चाहिए।

माननीय उपाध्यक्ष : ऐसे विवाह को मान्यता प्रदान करने के लिये स्त्री-पुरुष को कितनी अवधि तक साथ-साथ रहना पड़ता है?

सरदार बी. एस. मान : श्रीमान्, एक निर्णित वाद हमारे सामने है। डॉ. टेक चन्द ने लिखा है :-

‘‘साधारण रिवाजों से तथा न्यायपालिका के बहुत से निर्णयों से पता चलता है कि पर्याप्त अवधि के लिये स्त्री तथा पुरुष का एक साथ रहना ही विवाह की मान्यता देने के लिए पर्याप्त है।’’

पंजाब में तो विवाह-विधि की स्थिति ऐसी है। जहां तक ऐसे विवाहों का संबंध हैं जिनमें स्त्री-पुरुष लंबे समय से एक साथ रहते आये हों....

माननीय उपाध्यक्ष : परन्तु अवधि कितनी होनी चाहिये?

सरदार बी. एस. मान : कई मामलों में सात वर्ष की अवधि निश्चित हो गई है- तथा कई में 20 वर्ष और कुछ में चार या पांच वर्ष भी। गांव वाले स्त्री-पुरुष के दैनिक आचरण से विवाह को वैध करते हैं, और किसी धार्मिक कृत्य की आवश्यकता नहीं होती है। परन्तु डॉ. अम्बेडकर ऐसे विवाह की आज्ञा देने को तैयार नहीं हैं। वह कहते हैं, ‘‘मैं इस अनैतिकता की अनुमति नहीं दूँगा।’’ वह इसे ‘‘विवाह आसान बनाना’’ मानते हैं। यह मेरे लिए आसान हो सकता है ‘‘लेकिन मैं दिखावटी रिवाज का आदर नहीं करूंगा।’’ विवाह को मान्यता तभी दी जानी चाहिये जब कि दोनों