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पंडित मालवीय : मैं माननीय सदस्य को बधाई देता हूँ। मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि मैं अपनी बात यथासंभव कम से कम शब्दों में कहने का प्रयास कर रहा हँ। मैं यह सब जिम्मेदारी की भावना से बोल रहा हूँ। यदि इस सदन का कोई सदस्य जो मेरी कही बातों का विस्तृत और व्यापक विवेचन करना चाहता है तो इस बैठक के बाद मेरे पास आने दी कृपा करे और मैं उसे समझा दूँगा कि जिन मुद्दों का उल्लेख यहां मैंने संक्षेप में किया है उनके बारे में अध्ययन करने और मनन-चिंतन करने के लिए कितना कुछ है।
मैं निवेदन कर रहा था कि यदि हमें शास्त्रों के अनुसार बढ़ना है तो सारा मामला ही सरल हो जाता है क्योंकि फिर किसी मतभेद या विवाद की गुंजाईश ही नहीं रहती। यदि किसी मामले के दोनों पक्षकार किसी एक पैमाने पर सहमत हैं और इस बारे में कोई विवाद नहीं है तो सामान्य व्यक्ति के लिए उस पैमाने को लेकर दोनों पक्षों की संतुष्टि के अनुसार कपड़ा नाप लेना आसान हो जाना चाहिए। यदि इस बात पर सहमति है कि हम शास्त्रों के आधार पर इतने स्पष्ट रूप से निर्धारित विवेचन नियमों के अनुसार यह कानून अधिनियमित करने जा रहे हैं, तो किसी के लिए भी और माननीय विधि मंत्री जी के लिए बैठकर खण्ड-दर-खण्ड चलना और निर्धारित करना आसान हो जाना चाहिए। (व्यवधान) मैं जानाता हँ कि माननीय विधि मंत्री जी का दृष्टिकोण अत्यंत स्पष्ट है। विधि मंत्री जी अथवा किसी भी सदस्य अथवा मेरा भी किसी भी मामले पर कुछ भी विचार हो सकता है। परन्तु यदि विधि मंत्री जी और दूसरे लोग सहमत हैं कि ऐसा एक पैमाना है, जिससे कपड़ा नापा जा सकता है तो किसी मतभेद या विवाद की कोई गुंजाइश नहीं रहती है। (व्यवधान) मैंने पहले ही उल्लेख किया है लेकिन जाहिर है कि मेरे मित्र श्री भारती पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं कि एक ऐसा पैमाना है जो हमें युगों-युगों से प्राप्त है, (श्री भारती : माप में बहुत ज्यादा अन्तर है) जिसके अनुसार पवित्र ग्रंथों की व्याख्या की जानी चाहिए।
श्री भारती : इस पैमाने पर अन्तर एक इंच से लेकर एक मील तक का है।
पंडित मालवीय : मेरे मित्र श्री भारती का कहना है कि पैमाने का अन्तर एक इंच से एक मील है। मैं नहीं जानता कि मैं इस टिप्पणी पर क्या कह सकता हूँ क्योंकि यह जाहिर सी बात है कि जिस पैमाने की बात मैं कर रहा हँ मेरे माननीय मित्र उससे पूरी तरह अनभिज्ञ हैं। अन्तर का तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता है एक मिलीमीटर के लाखवें हिस्से के बराबर भी नहीं। इसलिए यदि इस बात पर सहमति हो सकती है तो मेरा विचार है कि इस मामले पर विवाद समाप्त हो जाएगा और