हिंदू कोड-जारी - Page 386

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विधि मंत्री को आमंत्रित करूंगा ताकि आज की कार्यवाही के समापन से पहले हम इस खण्ड को समाप्त कर लें और सभी संशोधनों पर बहस पूरी कर लें। माननीय सदस्य दो घंटे का समय ले सकते हैं।

पंडित मालवीय : महोदय, आपने जो कुछ कहा है, उसके लिए आपका आभारी हूँ परन्तु शुरूआत में तो मैं यही कह रहा था कि व्यवस्था चाहे जो कुछ भी रही हो, हमने लगभग सोच लिया था कि हमने ........

उपाध्यक्ष महोदय : उन्हें बात को लम्बा खींचने की जरूरत नहीं है।

पंडित मालवीय : ........ तब से कुछ माननीय मित्रों ने जिनके विचार और अभिमत का आदर हममें से अधिकांश लोग करते हैं, यह दृष्टिकोण अपना लिया है कि सदन के सदस्यों को यथासंभव कम से कम समय लेना चाहिए। मैं अभी जब सदन में आया तो मुझे बताया गया कि मुझे अपनी बात मिनटों में पूरी करनी है। मैं जानता हूँ कि नियमावली के अनुसार आपको उतना ही समय लेना चाहिए जितनी कि आपकी इच्छा है और यह अच्छी बात है कि आप कहते हैं कि आप उसका अनुपालन करेंगे। यह भी सच है कि मैं भी बड़ी शिद्दत से महसूस करता हूँ कि ऐसे अहम मामले में जिसमें युगों-युगों से चली आ रही बातों को ध्वस्त कर दिया जाना है, मिनटों और घंटों को हिसाब नहीं रखा जाना चाहिए और यदि किसी को इस मुद्दे पर कुछ कहना है, जो बेमानी या अप्रासंगिक नहीं है, तो समय-सीमा का प्रश्न नहीं उठना चाहिए, चाहे आप एक दिन लें या दो दिन या बीस दिन। लेकिन मैं वरिष्ठ जनों और अपने नेता की आकांक्षाओं का आदर करता हूँ और आपसे यही कहना चाहता हूँ कि नियमावली के अनुसार आपने मुझे कृपापूर्वक लम्बे समय तक बोलने का अवसर प्रदान किया है। मुझे जो कुछ कहना है वह लगभग सब मैं छोड़ने का प्रयास कर रहा हूँ और केवल कुछेक मिनटों में मैं अपनी बात कहने का प्रयास करूंगा। मैं यह सब बडे़ कष्ट और इस मामलों पर हुए अन्याय की भावना से कह रहा हूँ, परन्तु जैसा कि मैंने कहा था कि मैं उन पुरूषों में से हूँ जिसकी आस्था सहिष्णुता के हिन्दू तरीकों में है और मेरे ऊपर यदि कोई अनुचित बात भी थोप दी जाती है........

उपाध्यक्ष महोदय : माननीय सदस्य कृपया अपना आसन ग्रहण करें। मैं इस छवि से बचने का प्रयास करता रहा हूँ कि हम इस विधेयक पर जल्दबाजी कर रहे हैं या इसे अनावश्यक लम्बा खींच रहे हैं। यह देखना मेरा दायित्व है कि ऐसी या वैसी कोई छवि नहीं बनाई जानी चाहिए। इस मामले पर हमने पर्याप्त समय व्यतीत किया है और अब, जब हम बहस का समापन कर रहे हैं और समापन प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा रहा है, मैं इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हूँ क्योंकि मैं संतुष्ट हूँ कि इस मामले पर पर्याप्त बहस की जा चुकी है, चाहे अलग-अलग सदस्य बोल न सके हों परन्तु उठाए गए