हिंदू कोड-जारी - Page 398

383

हैं। लेकिन मैंने कहा था कि मैं और समय नहीं लूँगा और इस सदन के सम्माननीय नेता की आकांक्षाओं और निर्णयों का सम्मान करूंगा। इसलिए अब मैं अपना भाषण समाप्त करूंगा और इस अपील के साथ समाप्त करूंगा कि इतने गंभीर, तीस करोड़ लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले इस मामले पर मानवीय दृष्टि से यथासंभव सावधानीपूर्वक और विस्तारपूर्वक विचार किया जाए। अब केवल एक औपचारिकता शेष है जो मुझे करनी चाहिए और यह है उस संशोधन को प्रस्तुत करना, जिसकी सूचना मैंने तीन दिन पहले दी थी। मैं प्रस्ताव करता हूँ कि :-

( i ) खण्ड 2 के उप-खण्ड (1) के भाग (क) में “सहित” के बाद “बौद्ध, जैन तथा

सिख” को अन्तःस्थापित किया जाए।

( ii ) खण्ड 2 के उप-खण्ड (1) के भाग (ख) का लोप किया जाए।

पहले संशोधन के बाद यह खण्ड निम्नानुसार पढ़ा जाएगा :-

“सभी हिन्दुओं पर अर्थात बौद्ध, जैन, सिक्ख, वीरशैव अथवा लिंगायत और ब्रह्म, प्रार्थना इत्यादि सहित हिन्दू धर्म के किसी भी स्वरूप को मानने वाले व्यक्तियों पर”।

एक सरल कारणवश यह संशोधन मैंने प्रस्तुत किया है। मुझे उम्मीद है और प्रार्थना है कि मैं एक धर्मपरायण हिन्दू हूँ - मैं नहीं जानता कि क्या मैं यह दावा कर सकता हूँ - और........

डॉ. अम्बेडकर : ऐसे भाषण के बाद ऐसा दावा और कौन कर सकता है?

csMd j

पंडित मालवीय : और जो संकल्प हम हर अवसर पर लेते हैं, हम कहते हैं बुद्धावतारे।

eky o h;

यदि मेरे पास समय होता तो मैंने यह बताने का प्रयास किया होता कि बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिक्ख धर्म का स्वतंत्र स्थान और स्थिति होने के बावजूद उन्हें किसी भी तरह हिन्दू धर्म के दायरे से बाहर नहीं माना जा सकता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हिन्दू धर्म उन पर कोई दावा करता है या उनकी पूर्ण स्वतंत्रता और उनके पृथक अस्तित्व पर किसी भी तरह का कोई प्रतिबंध लगाना चाहता है। ऐसा नहीं है मैं ऐतिहासिक धर्म की बात कर रहा हूँ। वे इसी में से निकले हैं और सदैव इसका अंग भी रहे हैं। उनके धर्म ग्रन्थों और धार्मिक क्रियाविधियों में, उनकी दैनंदिन पद्धतियों और दैनिक जीवन कई बातें है जो एक हैं। इसलिए इस भूमि पर उन्हें अलग दिखाने की कोई आवश्यकता नहीं है मेरे संशोधन से परिणाम में कोई अन्तर नहीं आएगा। यह खण्ड एक पृथक खण्ड में आने के बजाए पूर्ववर्ती खण्ड के भीतर ही आता है।

मैं अब इस सदन के सदस्यों से केवल यही अपील करना चाहता हूँ कि वे इस मामले पर तटस्थता से विचार करें। जैसा कि मैंने कहा कि मुझे इस बात से इंकार