हिंदू कोड-जारी - Page 436

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प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : श्री झुनझुनवाला का प्रतिस्थापन संबंधी संशोधन खंड 2

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हटाया जाता है क्योंकि सदन ने इस पर निर्णय ले लिया है।

अब मैं दूसरे समूह पर आता हूं - कि यह कोड केवल उनपर लागू किया जाना चाहिए जो यह घोषणा करते हैं, और इसके बावजूद केवल वही भाग लागू होने चाहिएं, जो घोषित किए गए हैं।

प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के स्थान पर निम्नलिखित को रखा जाए :

”2. कोड की प्रयोज्यता : यह कोड तथा उसका अथवा उसका कोई भाग इण्डिया अर्थात् भारत के सभी नागरिकों पर लागू होगा, जो वयस्क होने की आयु प्राप्त करने पर लिखित में यह घोषणा करेंगे कि वे यथास्थिति इस कोड अथवा उसके किसी भाग द्वारा नियंत्रित होंगे और ऐसी घोषणा को केन्द्रीय सरकार द्वारा इस प्रयोजनार्थ निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकृत कराएंगे।”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : श्री जे. आर. कपूर के अगले दो संशोधन भी इस संशोधन

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के अनुसार हैं जिन्हे अस्वीकार किया गया है। अतः उन्हें भी अस्वीकार समझा जाता है। अब प्रश्न इस प्रकार हैः

श्री बनारसी प्रसाद झुनझुनवाला द्वारा प्रस्तावित संशोधन में खंड 2 हेतु प्रस्तावित परन्तुक में ”जब तक ऐसा व्यक्ति“ शब्दों से शुरू करके अंत तक के स्थान पर निम्नलिखित को रखा जाएगा :

“जब तक ऐसा व्यक्ति वयस्क होने की आयु प्राप्त करने के बाद लिखित में यह घोषणा नहीं करता कि वह यथास्थिति इस कोड द्वारा नियंत्रित होगा अथवा होगी और ऐसी घोषणा को केन्द्रीय सरकार द्वारा इस प्रयोजनार्थ निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकृत नहीं कराता।”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार हैः

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”बशर्ते कि उपर्युक्त खंडों में किसी बात के होते हुए भी यह कोड किसी व्यक्ति पर लागू नहीं होगा जब तक कि ऐसे व्यक्ति ने, यह कोड प्रवृत्त होने के एक वर्ष