हिंदू कोड-जारी - Page 438

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प्रश्न इस प्रकार है :-

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में, जो खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में क्रम सं. 3 में मुद्रित है, भाग (1) के बाद निम्नलिखित को अंतः स्थापित किया जाएः

“(1 क) उप-खंड 3 में “प्रावधानों” शब्द के स्थान पर ”प्रावधानों में से किसी एक या अधिक“ शब्द रखे जाएंगे।“

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

mi kè; {k
Col1 Col2

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में जो खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में क्रम सं. 3 में मुद्रित है, भाग (1) के बाद निम्नलिखित को अंतः स्थापित किया जाएगा।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : अब मैं दूसरा विषय लेता हूँ- लोगों के वर्ग का समावेश

mi kè; {k
Col1 Col2

अथवा अपवर्जन।

प्रश्न इस प्रकार है :

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में, जो खंड 2 के उप -खंड (1) में प्रस्तावित संशोधन के भाग (1) ( ii ) में क्रम सं. 3 में मुद्रित है “सिख धर्म” के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाए :

”मुस्लिम, ईसाई, पारसी अथवा यहूदी धर्म को छोड़कर अन्य किसी भी धर्म अथवा आस्था“।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :-

mi kè; {k
Col1 Col2

खंड 2 के उप खंड (1) के भाग (घ) के अंत में के निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा :

“धर्मांतरण से पूर्व उसके अधिकारों एवं देयताओं के अधीन”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।