हिंदू कोड-जारी - Page 439

424 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (घ) के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा :

”(ड.) बौद्ध, जैन, सिख अथवा हिंदू धर्म से अपने जीवनकाल में धर्मांतरित मुसलमान अथवा ईसाई को।“

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ख) का लोप करें।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : संशोधन संख्या 274 जो कि नजीरुद्दीन अहमद के द्वारा

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प्रस्तावित है वही है जिसे अभी सदन द्वारा अस्वीकार किया गया है। इस पर विचार मान्य नहीं।

प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के उपखंड (1) के भाग (ख) अंतःस्थापित किया जाय।

(ख) कोई भी व्यक्ति जो जैन धर्मावलंबी है।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार हैः

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खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ख) में जैन और सिख को अथवा ‘‘जैन’’ से अंतः स्थापित किया जाय।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : संशोधन संख्या 101 एवं 102 मात्र पूर्व के संशोधन हैं वे वही

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संशोधन हैं जिनहें सदन द्वारा अभी हाल में अस्वीकार किया जा चुका है। उन पर विचार की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ख) में अथवा ‘‘सिख’’ का लोप करें।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न यह है :

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