हिंदू कोड-जारी - Page 440

425

खंड 2 में जहां भी ‘सिख’ आया है का लोप करें।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

उप-खंड (1) के भाग (ग) ( i ) में “अवैध” के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगा :

”जो, यदि उसने अठारह वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है, स्वयं हिंदू है, और”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ग) ( ii ) में ”संबंधित है“ अथवा “संबंधित था” के बाद ”और जो, यदि उसने अठारह वर्ष की आयु प्राप्त कर ली है स्वयं हिंदू है“ को अंतःस्थापित किया जाए।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : संशोधन सं. 277 को पिछले संशोधन द्वारा हटा दिया गया है और इसलिए इसे प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।

श्री जे. आर. कपूर : मेरा अगला संशोधन स्वीकार किए जाने योग्य है। इसकी भाषा में सुधार किया गया है।

डॉ. अम्बेडकर : मैं स्वयं भी अपनी भाषा में सुधार करूंगा।

पंडित ठाकुरदास भार्गव : केवल व्याकरण में परिवर्तन किया गया है। केवल वर्तमान के बजाए इसमें भूतकाल भी शामिल करने का प्रयास किया गया है।

उपाध्यक्ष महोदय : इस खंड का शब्द विन्यास वर्तमान से संबंधित है। इसमें अंतर है। यह औपचारिक संशोधन नहीं है।

खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ग) ( i ) में “माता-पिता हैं” के बाद ”अथवा रहे हैं“ को अंतःस्थापित किया जाए।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : इसमें संशोधन सं. 105 शामिल हो गया है और इसे प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है।