हिंदू कोड-जारी - Page 441

426 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अब प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ग) ( ii ) के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाए :

( iii ) किसी परित्यक्त बच्चे का पालन-पोषण समुदाय, समूह अथवा परिवार के सदस्य के रूप में करने पर जिससे ऐसे माता-पिता संबंधित हैं;”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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Col1 Col2 Col3

खंड 2 के उप-खंड (1) के भाग (ग) ( ii ) के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाए :

”( iii ) राज्य द्वारा पालन-पोषण किए गए किसी अनाथ अथवा परित्यक्त बच्चे को” प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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Col1 Col2 Col3

खंड 2 के उप-खंड (2) के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाए :

”(2 क) यह कोड किसी भी धर्म को मानने वाली किसी महिला पर भी लागू होता है, जो किसी हिंदू, बौद्ध, जैन अथवा सिख से विवाहित है।”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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Col1 Col2 Col3

खंड 2 के उप-खंड (2) का लोप किया जाए।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

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Col1 Col2 Col3

खंड 2 के उप-खंड (2) के स्थान पर निम्नलिखित को रखा जाएगा :

”(2) यह कोड किसी ऐसे व्यक्ति, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो, पर भी लागू होता है, जो यहां उल्लिखित किसी भी मामले के संबंध में किसी हिंदू कानून अथवा उस कानून के भाग के रूप में किसी प्रथा अथवा रूढि़ द्वारा नियंत्रित होता है।”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

खंड 2 के उप-खंड (2) में ”पारसी“ के बाद “सिख” को अंतःस्थापित किया जाएगा।