हिंदू कोड-जारी - Page 444

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माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में, जो सं. 3 में मुद्रित है,

खंड 2 के उप-खंड (1) में प्रस्तावित संशोधनों में भाग (1) ( ii ) के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगाः-

”( iii ) एक नया भाग (ड.) निम्नानुसार अंतःस्थापित किया जाएगा :

“(ड.) यह कोड प्रवŸा होने के बाद किसी भी धर्म अथवा आस्था से धर्मांतरित व्यक्ति को”

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : पंडित ठाकुर दास भार्गव द्वारा प्रस्तावित संशोधन सं. 91 का क्या होगा?

पंडित ठाकुरदास भार्गव : मैं इसे वापस लेने की अनुमति चाहता हूँ।

Col1 Col2

अनुमति द्वारा संशोधन वापस लिया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : प्रश्न इस प्रकार है :

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में, जो सं. 3 में मुद्रित है, खंड 2 में प्रस्तावित संशोधन में भाग (1) के बाद निम्नलिखित को अंतःस्थापित किया जाएगाः

”(1क) उप-खंड (2) के परंतुक में ”जब तक उसने अपनी सहमति इस संबंध में ऐसे मामलों के संबंध में भी, जिन्हें इस कोड द्वारा नियंत्रित किया जाना है, केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से घोषित नहीं की हो“ को अंत में अन्तःस्थापित किया जाएगा।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : संशोधन सं. 93 को हटाया जाता है क्योंकि यह उस संशोधन के समान है, जिसे पहले ही अस्वीकार किया जा चुका है।

अब प्रश्न इस प्रकार है :

खंड 2 के उप-खंड (3) का लोप किया जाए।

प्रस्ताव अस्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : समान होने के कारण संशोधन सं. 283 को हटाया जाता है। श्री जसपत राय कपूर द्वारा प्रस्तावित संशोधन सं. 238 के संबंध में क्या विचार है? माननीय सदस्य कृपया ध्यान दें।