30 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय अध्यक्ष : आप अब प्रस्तुत करें।
श्री शिवचरण लाल : प्रस्ताव है कि :-
खंड-2 के उपखंड (2) के परन्तुक को हटा दिया जाए।
अध्यक्ष महोदय : संशोधन मान लिया गया।
खंड-2 के उपखंड (2) का परन्तुक हटा दें।
* श्री जे. आर. कपूर : महोदय, आपकी अनुमति से, वह संशोधन जिस पर कि मैं माननीय सदस्य को फिर याद दिलाने के लिए बोलना चाहता हूँ। संशोधन इस प्रकार है :-
खंड-2 के लिए....
श्री झुनझुनवाला : माननीय सदस्य किस संशोधन की बात कर रहे हैं?
माननीय अध्यक्ष : इस संशोधन की उन्होंने आज ही सूचित किया है। यह सूची में नहीं छपा।
श्री झुनझुनवाला : हमें इसकी प्रति भी नहीं मिली।
माननीय अध्यक्ष : यह एक बार पहले भी सदन में पढ़ा जा चुका है। ये उसे फिर से पढ़ रहे हैं।
श्री जे. आर. कपूर : संशोधन इस प्रकार हैं :-
खंड-2 के स्थान पर :
‘‘2. संहिता का प्रयोग : यह संहिता या इसका कोई भाग या भागों को हिन्दुस्तान अर्थात् भारत के सभी नागरिकों पर लागू किया जाएगा। जो वयस्कता की आयु होने पर लिखित में यह घोषित करे कि वह इस संहिता और इसके किसी भाग या भागों के तहत शासित होंगे, और ऐसी घोषणा को केन्द्रीय सरकार द्वारा इस उद्देश्य से निहित नियमों के अनुसार पंजीकृत कराएंगे।’’
दूसरे अगर यह स्वीकार नहीं है तो, इसके बदले एक और संशोधन है।
मैं सदन की स्वीकृति के लिए इसके बदले दूसरा संशोधन प्रस्तुत करूंगा। परिवर्तित संशोधन इस प्रकार है :-
* सं. वा-वि. भाग VIII, खंड II, 5 फरवरी, 1951 पृष्ठ 2392-98