हिंदू कोड-जारी - Page 451

436 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वेल्लाला अधिनियम, 1101, ट्रावनकोर क्षत्रिय अधिनियम, 1108 ट्रावनकोर कृष्णवकमरूमक्कथयी अधिनियम, 1115, कोचीन थिय्या अधिनियम, 1107 का VIII ; कोचीन नायर अधिनियम, 1113 का XXIX अथवा कोचीन मरूमक्कथयम अधिनियम, 1113 का XXXIII द्वारा शासित होते, यदि यह कोड पारित नहीं किया गया होता; अथवा

(ख) जो किसी ऐसे समुदाय से संबंधित हैं, जिसके सदस्य अधिकांशतः ट्रावनकोर कोचीन अथवा मद्रास प्रांत के निवासी हैं और जो, यदि यह कोड पारित नहीं किया गया होता, तो वह उत्तराधिकार की किसी ऐसी प्रणाली द्वारा शासित हुए होते, जिसमें वंशक्रम का निर्धारण स्त्री की ओर से किया जाता है; परन्तु जिसमें आलिया संतान कानून शामिल नहीं है;

( vii ) “नम्बूद्री कानून“ से उन व्यक्तियों पर लागू कानून अभिप्रेत है, जो मद्रास नम्बूद्री अधिनियम, 1932 (1933 का मद्रास अधिनियम XXI ), कोचीन नम्बूद्री अधिनियम (1114 का XVII ), अथ्वा 1106 के ट्रावनकोर मलयाला ब्राह्मण अधिनियम, (1106 का विनियमन III ) द्वारा शासित हुए होते, यदि यह अधिनियम पारित नहीं किया गया होता;

मद ( viii ) में ( vi ) का पुनर्संख्यांकन इस प्रकार किया गया है कि “किसी भी” के स्थान पर ”एक“ शब्द रखा जाएगा।

श्री नजीरुद्दीन अहमद : मेरा संशोधन सं. 410 विषय के अनुसार प्राथमिकता

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क्रम में आता है क्योंकि यह संशोधन नहीं वास्तविक खंड है। मेरे संशोधन में ”आलिया संतान कानून“ हटा दिया गया है।

उपाध्यक्ष महोदय : माननीय सदस्य इसे प्रस्तुत कर सकते हैं।

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श्री नजीरुद्दीन अहमद : मैं अनुरोध करना चाहता हूँ कि :

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डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन में भाग ( ii ) में खंड 3 के प्रस्तावित भाग ( i ) का लोप किया जाए।

इससे पहले मेरे कुछ मौखिक और औपचारिक संशोधन हैं, जिन पर मेरे विचार से सदन के समक्ष जोर देने की जरूरत नहीं है, अर्थात् माननीय विधि मंत्री द्वारा प्रस्तावित संशोधन में मद ( ii ) में पुनः क्रमांकन संशोधन है, जो सभी संशोधनों में है। यदि हम इस चरण में ही पुनः क्रमांकन की शुरूआत करते हैं तो इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी और हमें नहीं मालूम कि हम कहां पर होंगे। अतः इसे सचिव या मसौदाकार द्वारा किया जाना चाहिए और इसीलिए मेरा सुझाव है कि हमें