442 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
पंडित ठाकुर दास भार्गव : मैं अनुरोध करता हूँ कि - खंड 3 के भाग ( i ) में “हिंदुओं में से” शब्दों के स्थान पर ”उन व्यक्तियों में से, जिन पर यह कोड लागू होता है“ शब्द रखे जाएंगे। मैं कोई भाषण नहीं देना चाहता हूँ क्योंकि यह जाहिर-सी बात है।
उपाध्यक्ष महोदय : प्रस्तावित संशोधन है कि :
खंड 3 के भाग ( i ) “हिंदुओं में से” शब्दों के स्थान पर ”उन व्यक्तियों में से, जिन पर यह कोड लागू होता है” शब्द रखे जाएंगे।
श्री संथानम : खंड 2, उप-खंड (3) में यह मुद्दा पूर्णतः शामिल है। ‘हिंदूओं‘ से सभी लोग, जिन पर यह कोड लागू होता है, अभिप्रेत है।
उपाध्यक्ष महोदय : इस सदन ने यह परिभाषा पहले ही स्वीकार कर ली है।
पंडित ठाकुर दास भार्गव : मुझे मालूम है। लेकिन यदि हम इन शब्दों का प्रयोग करें, जो बहुत स्पष्ट हैं, तो कुछ नुकसान नहीं होगा। मान लीजिए की एक व्यक्ति कोई दूसरी धारा को पढ़ता है, तब उसे मालूम होना चाहिए कि परिभाषा क्या है। जब तक वह परिभाषा को ध्यान में नहीं रखता, वह समझ नहीं पाएगा कि यह कोड किस पर लागू होता है। अर्थ को ये शब्द पूरी तरह व्यक्त करते हैं।
उपाध्यक्ष महोदय : इसके बावजूद उसे, जिन व्यक्तियों पर यह कोड लागू होता है, उनके अर्थ पर लौटना पड़ेगा। हम केवल एक विस्तृत परिभाषा का प्रयोग कर रहे हैं।
पंडित ठाकुर दास भार्गव : ”जिन व्यक्तियों पर यह कोड लागू होता है“ - उसे यह परिभाषा हर जगह ले जानी पडे़ेगी। यह बहुत विशिष्ट है। मैं इसे सदन पर छोड़ता हूँं।
उपाध्यक्ष महोदय : मैं यह जानने की कोशिश कर रहा हूँ कि क्या यह कोई गंभीर बात है जिस पर बहुत जोर दिया जाना चाहिए या एक औपचारिक बात है।
खैर, मैं मान लेता हूँ कि इसे पेश कर दिया गया है।
पंडित ठाकुर दास भार्गव : मैं अनुरोध करता हूँ कि भाग ( i ) में ”और एकरूपता“ शब्दों का लोप किया जाएगा।“
श्री संथानम : मैं एक बात का स्पष्टीकरण चाहता हूँ। क्या माननीय सदस्य का सुझाव यह है कि यदि एक हजार वर्ष पूर्व किसी स्थान विशेष में कोई ऐसा रिवाज था कि........