456 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मुझे ज्ञात हुआ है कि आपने इण्डियन न्यूज क्रॉनिकल के कल सुबह के अंक में ”पुटिंग द क्लॉक बैक” शीर्षक से प्रकाशित कार्टून पर आपत्ति की थी। बताया गया है कि आपने यह विचार व्यक्त किया कि कार्टून का उद्देश्य अध्यक्ष के पद पर लांछन लगाना था। मुझे खेद है कि आपको व्यक्तिगत रूप से तथा उपाध्यक्ष होने के नाते उक्त कार्टून ने आहत किया है। कार्टूनिस्ट ने मुझे आश्वस्त किया है कि अध्यक्ष के पद का अथवा सदन का निरादर करने का कोई इरादा नहीं था और हम आप दोनों की गरिमा को बरकरार रखने की इंडियन न्यूज क्रॉनिकल आकांक्षा के बारे में आपको आश्वस्त करते हैं।
जैसा कि आप पाएंगे कि उक्त कार्टून की विषय-वस्तु संसद की वर्तमान परिस्थिति को उजागर करने से संबंधित है, जिसमें बहस को समय-सीमा के यथासंभव अनुरूप रखने की सभापति की आकांक्षा के बावजूद बहस में भाग ले रहे कुछेक सदस्यों ने इसे लम्बा खींचने और इस प्रकार इस विधेयक की प्रगति को रोककर रखने का प्रयास किया है। कार्टूनिस्ट ने मुझे आश्वस्त किया है कि उपाध्यक्ष को कार्टून में निर्दिष्ट भूमिका में चित्रित करने का दूसरा कोई और मंतव्य नहीं था। तथापि, मुझे
खेद है कि कार्टून ने आपको आहत किया है मुझे आशा है कि आप हमारा यह स्पस्टीकरण एवं आश्वासन कृपापूर्वक स्वीकार करेंगे कि अध्यक्ष पद एवं सदन का निरादर करने का हमारा किंचित भी मंतव्य नहीं था”
मेरा विचार है कि इतना कहना पर्याप्त है।
डॉ. देशमुख : अध्यक्ष से वे अब सदस्यों पर आ गए हैं। अब वे सदस्यों पर आरोप लगा रहे हैं। यह बदतर स्थिति है।
श्री राधेलाल व्यास (मध्यप्रदेश) : मेरा विचार है कि यह मामला विशेषाधिकार
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समिति को भिजवाया जाना चाहिए।
श्री भट्ट : यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि किसी सदस्य पर भी कोई लांछन लगाने का कोई मंतव्य नहीं था।
डॉ. देशमुख : श्री देशबंधु गुप्ता को इस सदन से क्षमा याचना करने के लिए कहा जाना चाहिए।
उपाध्यक्ष महोदय : यह स्पष्ट है कि वे महसूस करते हैं कि इस मामले में विधेयक ने उनकी आशा के अनुरूप प्रगति नहीं की है। मैं बाद में इस मामले की जांच करूंगा कि क्या इस सदन के माननीय सदस्य पर कोई आक्षेप या कटाक्ष किया गया है।