हिंदू कोड-जारी - Page 495

480 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संशोधन या उपांतरण करना चाहता हूँ। मुझे विचार करने के लिए समय चाहिए। बाद में मैं इसे बदलकर ’विधेयक’ या ’अध्याय’ कर सकता हूँ।

उपाध्यक्ष महोदय : तब मैं मूल ( v ) [ वर्तमान ( viii ) ] को यथावत् रहने देता हूँ। उपाध्यक्ष महोदय : तब मैं मूल (

अब मैं “निर्धारित“ की परिभाषा पर आता हूँ।

कैप्टन ए. पी. सिंह (विंध्यप्रदेश) : मैं परिभाषा खंड में ’कुल’ की परिभाषा जोड़ना

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चाहता हूँ।

उपाध्यक्ष महोदय : हम पहले इसे पूरा कर लें।

प्रश्न इस प्रकार है :

“कि खंड 3 का भाग ( vi ), जिसे बदलकर भाग ( ix ) किया गया है विधेयक का भाग बना रहेगा।“

प्रस्ताव स्वीकार किया गया।

श्री भारती : क्या हम यह समझें कि ’कोड’ शब्द बदला जा सकता है?

डॉ. अम्बेडकर : इसमें समुचित बदलाव किया जाएगा।

उपाध्यक्ष महोदय : “निर्धारित“ की परिभाषा से संबंधित भाग ( vi ), जिसकी क्रम संख्या बदली गई है, स्वीकार किया जाता है। अब हम ’संबंधित’ की परिभाषा संबंधित भाग ( vii ) पर आते हैं। इसकी क्रम संख्या बदलकर ( x ) की गई है।

प्रश्न इस प्रकार है :

“कि खंड 3 का भाग ( vii ), जिसकी क्रम संख्या बदलकर ( x ) की गई है इस विधेयक का भाग बना रहेगा।“

प्रस्ताव स्वीकार किया गया।

उपाध्यक्ष महोदय : अब हम डॉ. अम्बेडकर द्वारा प्रस्तावित संशोधन सं. 5 के भाग ( vi ) पर आते है। इसमें कहा गया है : मद ( viii ) जिसकी क्रम संख्या बदली गई है में ’किसी’ के स्थान पर ’एक’ शब्द रखा जाएगा।

डॉ. अम्बेडकर : मूलतः यह ’कोई भाग’ था अब मैं इसे “एक भाग“ कहता हूँ। लेकिन आपको स्मरण होगा कि आपने भाग ( viii ), जिसकी क्रम संख्या बदली गई है, को यथावत् रखा है। इसलिए यह भी यथावत रहेगा।