हिंदू कोड-जारी - Page 496

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उपाध्यक्ष महोदय : अब हम ’पुत्र’ की परिभाषा पर आते हैं - मूल खंड का भाग ( viii )।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : यहां मेरा संशोधन प्र्रस्तावित है। इसकी संख्या 127 है।

डॉ. अम्बेडकर : यह एक किस्म का पावर ऑफ अटार्नी है।

श्री राजगोपालाचारी : यह पंजाब में एक किस्म का दत्तक ग्रहण है।

सरदार हुकम सिंह : यह पावर ऑफ अटार्नी नहीं है। यह सरलीकृत किया गया है।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : मैं निवेदन करता हूँ कि : खंड 3 के भाग ( viii ), जिसकी क्रम संख्या बदलकर भाग ( xi ) किया गया है, के स्थान पर निम्नलिखित को रखा जाए :

“( xi ) ’पुत्र’ में नियुक्त उत्तराधिकारी तथा दत्तक पुत्र, चाहे उसे इस कोड के प्रवृत्त होने के पूर्व अथवा बाद में नियुक्त अथवा दत्तक ग्रहण किया गया हो, शामिल है, परन्तु अवैध पुत्र शामिल नहीं है।“

सदन को संभवतः ज्ञात होगा कि पंजाब में उत्तराधिकारी की नियुक्ति एक विशेष प्रथा है।

उपाध्यक्ष महोदय : हम ’पुत्र’ की परिभाषा पर विचार कर रहे थे। जहां तक किसी उत्तराधिकारी या उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किसी व्यक्ति का प्रश्न है, ऐसा भी हो सकता है कि उसे सम्पत्ति के प्रयोजनार्थ उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया हो। वास्तव में यह ऐसा व्यक्ति हो सकता है, जो उसे उत्तराधिकारी नियुक्त करने वाले व्यक्ति की पुत्री के साथ विवाह करने योग्य हो।

पंडित ठाकुर दास भार्गव : प्रथा के अनुसार वह पुत्र के तुल्य होता है। इसलिए वह अपनी बहन से विवाह नहीं कर सकता। जिस व्यक्ति को उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाता है उससे आत्मीय संबंध होता है। वह सभी व्यावहारिक प्रयोजनों के लिए पुत्र की तरह होता है।

उपाध्यक्ष महोदय : क्या निषिद्ध स्तर तक आने की सीमा तक?

पंडित ठाकुर दास भार्गव : जी, हां। वह उस परिवार में भी आता है जो क्षेत्र अब अम्बाला कमिश्नरी के अंतर्गत आता है उस राज्यक्षेत्र में नियुक्त उत्तराधिकारी