खंड 2 : (संहिता का प्रयोग) - Page 50

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में हूँ। लेकिन कुछ दूसरे खंड हैं जिन्हें मैं मानना नहीं चाहूँगा। इसलिए जहाँ तक मेरा सम्बन्ध है इस तथ्य की घोषणा करने की स्वतंत्रता चाहूँगा कि मैं एक विवाह और तलाक से सम्बन्धित खंडों से शासित होना पसंद करूंगा और दूसरों से नहीं। मैं इस सदन के प्रस्ताव पर गम्भीरता से विचार करने के लिए कहूँगा। पहला, यह कि अधिनियम सारे देश पर लागू होना चाहिए, दूसरा यह हर एक के लिए खुला होना चाहिए। घोषणा द्वारा कह सके कि वह इस संहिता द्वारा शासित होना चाहता है और तीसरे, यह उसके लिए खुला होना चाहिए कि यह भी कह सके कि वह इस या उस अध्याय से शासित होना चाहता है।

डॉ. देशमुख : अगर पति और पत्नी में तलाक के विषय पर विभेद है, कौन तय करेगा?

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निर्माण, उत्पादन और वितरण मंत्री (श्री गाडगिल) : बच्चा निर्णय करेगा।

माननीय अध्यक्ष : माननीय सदस्य आगे बढ़ें।

श्री जे. आर. कपूर : अगर पति और पत्नी में तलाक के विषय पर मतभेद है, अगर यहाँ पर महिला सदस्यों का मुझे समर्थन है तो मैं पत्नी की पसन्द पर तैयार हूँ। अगर मेरा सुझाव मान लिया गया है, वास्तव में विधेयक के बहुत से प्रावधानों को फिर से बनाना होगा। यह सिद्धान्त की बात है। एक बार सिद्धान्त स्वीकार हो जाए। मतलब कि हमें पूरे देश के लिए एक समान कानून चाहिए, दूसरे कि हमें हर एक नागरिक को यह कहने की स्वतंत्रता देनी चाहिए कि वह संहिता से शासित होना चाहता है या नहीं और तीसरे, संहिता के विभिन्न पहलूओं को ऐसे छांटने और मानने की स्वतंत्रता तो वास्तव में उचित संशोधनों की रूपरेखा बनाई जा सकेगी। मैं जानता हूँ कि यह कितना कठिन है लेकिन जितना यह कठिन है, इस सदन से यह अधिनियम पास करवाने के कार्य से, वास्तव में बहुत सरल है और वास्तव में समूचे राष्ट्र से इसी रूप से हिंदू, सिख, जैन और बौद्धों पर लागू है, इस अधिनियम के लिए सहयोग लेने से यह आसान है।

इसलिए ऐसा प्रस्ताव है कि मेरे सुझाव पर गम्भीरता से विचार किया जाए। मैं आशा और विश्वास करता हूँ कि अगर हम ठंडे दिमाग से, शान्ति से बिना किसी भावुकता के और बिना किसी पक्षपात चाहे पक्ष या विपक्ष में हो, विचार करें तो वास्तव में हम एक मान्य नतीजे पर पहुँच सकते हैं और शायद पाँच या सात दिनों के अन्दर इस विवादास्पद अधिनियम को पारित कर सकेंगे। इससे सभी को संतुष्टि होगी। यह उनको भी संतुष्ट करेगा जो एक समान संहिता चाहते हैं। यह कट्टर हिंदुओं को भी संतुष्ट करेगा क्योंकि उन पर इस संहिता को आवश्यक रूप से लादा