हिंदू कोड-जारी - Page 521

506 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

आता है कि हम एक-पत्नी विवाह चाहते हैं या नहीं। सवाल यह नहीं है। हम एक पत्नी विवाह ही चाहते हैं। कोई इसके विरोध में नहीं है। आम तौर पर सब लोग एक पत्नी विवाह के ही पक्ष में हैं। इसके अलावा देश की आर्थिक स्थिति भी ऐसी है कि कोई भी एक से ज्यादा पत्नियों का बोझ नहीं उठा सकता। इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि अब आम आदमी के लिए दूसरी पत्नी लाना संभव नहीं है सिवाय हमारे डॉक्टर साहब जैसे लोगों के, जो सुविधा सम्पन्न हैं। इसलिए एक पत्नित्व को लेकर कोई प्रश्न नहीं है। यदि आता भी है तो हम एक विवाह के विरुद्ध नहीं हैं, हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि और दूसरी बातें हैं जो पीछे-पीछे आएँगी। निषिद्ध स्तरों का भी प्रश्न है। अन्य रस्में भी हैं। जहां तक पंजाब का संबंध है, हमारे यहां निषिद्ध स्तर बहुत कम हैं। इस विधेयक द्वारा आप इसे कम कर रहे हैं। और आपको इसे आगे और कम करना होगा। हालांकि अभी हम उत्तराधिकार से संबंधित भाग को पारित नहीं कर रहे हैं, इसे निकट भविष्य में पारित किए जाने का विचार है। यदि आप चाहते हैं कि भाई के साथ बहन का भी हिस्सा रहे तो निषिद्ध स्तरों की यह लम्बी सूची नहीं रह सकती। जाहिर है कि आपको इसे और भी कम करना पड़ेगा, जब तक आप मुस्लमानों की तरह हमारे चचेरे रिश्तेदारों और बहनों को उत्तराधिकारी न दें। दोनों बातें एक साथ करनी पड़ेंगी और पंजाब की प्रथा में निषिद्ध स्तरों की एक सूची पहले से ही है जो मान्यता प्राप्त और अनुमत्य प्रथा है और यदि आप इस प्रगति जिसका, आगे बढ़ने में सहायक होने का दावा आप करते हैं, तो आप हमें पीछे खींच रहे हैं जबकि हम इतने आगे जा चुके हैं। (एक माननीय सदस्य : अग्रणी हैं)। जी हां। हम पूरे भारत में सबसे आगे हैं।

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(अध्यक्ष की आसंदी पर उपाध्यक्ष महोदय)

जहां तक दूसरी बातों का संबंध है, अभी कुछ देर पहले जब मेरे आदरणीय मित्र पंडित ठाकुर दास भार्गव ने अपना संशोधन प्रस्तुत किया था कि दत्तक पुत्र के साथ नियुक्त उत्तराधिकारी को भी जोड़ा जाना चाहिए और कुछेक आपत्तियों और व्यवधानों के आधार पर इसका विरोध किया गया था। जैसा कि भारत के किसी भी भाग में होता है दत्तक उत्तराधिकारी भी दत्तक पुत्र के समान ही होता है, इसमें कुछ बढ़त या प्रगति है वह यही है कि इसमें कोई विशेष रस्म नहीं निभाई जाती है। आयु का कोई प्रतिबंध नहीं है और जहां तक रिश्ते का संबंध है, उस पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है।

डॉ. अम्बेडकर : क्या हमने यह निर्णय नहीं लिया था कि दत्तक उत्तराधिकारी

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का मामला हम बाद में उठाएंगे? मैंने तो समझा था कि सदन इससे सहमत है। जब