हिंदू कोड-जारी - Page 561

546 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

कुछ भागों में, किन्हीं मामलों में इन परम्पराओं और रीति-रिवाजों को उनका उचित स्थान दिया जा रहा है। परन्तु इस संबंध में हमारे समक्ष किसी भी संशोधन के प्रस्ताव नहीं आए हैं।

एक सम्माननीय सदस्य : विवाह संबंधी संशोधन आए हैं।

श्री टी. एन. सिंह : लेकिन अन्य बातों से संबंधित संशोधन नहीं आए हैं, शायद वे आने ही वाले हों। मैं उनका स्वागत करता हूँ। पर इसी के साथ ही मैं यह निवेदन करता हूँ कि उनके लिए, उनका उन्मूलन करने के विचार से, उसको नष्ट करने की प्रक्रिया में कानून बनाया जाना उचित नहीं है। इसीलिए मैं विशेष रूप से इस प्रस्ताव का विरोध करता हूँ। यदि आपने यह अनुच्छेद पढ़ा होता तो आपने पाया होता कि ‘अन्य कानून लागू’ अभी बने कानून के तहत जोड़ा गया है उदाहरणस्वरूप, कोई भी कानून या धारा जो इसके साथ असंगत है उसे भी निरस्त्र कर दिया जायेगा और वह लागू करने योग्य नहीं होगा। इस मामले में, यह क्या उचित नहीं होगा कि यदि आपने भी इन परम्पराओं के संबंध में कहा था कि इन परम्पराओं पर परस्पर-विरोधी बातें लागू नहीं की जायेंगी और यदि इसके सिद्धांतों या मूलभूत उद्देश्य, के विरोध में कोई भी प्रथा या परम्परा जाएगी तो वह लागू नहीं होगी। यदि ऐसा है, तो यह समझ में आ जाने योग्य होता। लेकिन यह कहना कि कोई परमपरा लागू नहीं की जायेगी, सही नहीं होगा और मैं विश्वास करता हूँ कि इसे ध्यानपूर्वक बदलना या इसमें संशोधन करना आवश्यक है। मैं भी सहमत हूँ कि बहुत-सी हमारी परम्पराएँ असंगत हैं और शायद समय के अनुरूप नहीं हैं। कुछ प्रचलित परम्पराओं के अनुसार एक 60 या 70 वर्ष का वृद्ध व्यक्ति भी विवाह कर सकता है। लेकिन यह हिंदू संहिता से मेल नहीं खाता है। मेरे कहने का अर्थ है कि यदि आपको कोई परम्परा हटानी ही है, तो ऐसी परम्पराओं पर कुठाराघात करो।

श्री ए.सी. शुक्ल : दहेज से संबंधित

श्री टी.एन. सिंह : हाँ, अन्य और बहुत-सी हैं, जैसे विधवा-विवाह आदि। आपने उनसे संबंधित सैकड़ों कानून बनाए हैं और बहुत-सी बातें की हैं लेकिन क्या हमने उन पर सफलता पाई? इसीलिए मैं कहता हूँ कि प्रत्येक परम्परा का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। मैं उन सबको हटाने के विरुद्ध हूँ। मेरा कहने का अर्थ यह नहीं है कि हमारी कोई भी परम्परा गलत नहीं है।

श्री ए. सी. शुक्ल : क्या मैं एक प्रश्न पूछ सकता हूँ? आप यह कैसे निर्धारित करेंगे कि अमुक परम्परा सही है या गलत है? यदि किसी समुदाय के 75 प्रतिशत लोग किसी एक रिवाज को बनाए रखना चाहते हैं तो, क्या उनके विचारों को मान