खंड 2 : (संहिता का प्रयोग) - Page 65

50 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

माननीय अध्यक्ष : शांति! शांति! उनको आगे बढ़ने दें।

श्री नजीरुद्दीन अहमद : मेरा संशोधन कहता है, ‘‘अगर वह अट्ठारह वर्ष का हो गया है तब उसकी आयु स्वनिर्णय की है और कानून से विधिवत कार्य करने की इजाजत देता हैं, अगर वह हिंदू रहना चाहता है, तब वास्तव में वह हिंदू है। वह अपने पिता का बच्चा होने के नाते उत्तराधिकार का अधिकारी है। और हिंदू विधि के सब लाभ-उठा सकता है। यह संशोधन एक कमी को दूर करने का प्रयत्न है जो मसौदे में है। एक अवैध बच्चा, अगर अट्ठारह वर्ष की आयु प्राप्त कर लेता है। और अगर वह अपना धर्म नहीं बदलता तब वास्तव में वह आ सकता है। यह ही मैंने स्पष्ट करने का प्रयत्न किया है।

अब हमें अन्य संशोधन पर आना चाहिए; यह प्रारूप के प्रकार का है। जिसे निम्न प्रकार से पढ़ा जा सकता है :

खंड-2 के उपखंड (1) के भाग (ग) (1) के लिए, ‘‘जिनके माता-पिता हिंदू हैं’’ के स्थान पर ‘‘जिसके माता-पिता हिंदू हैं या रहे हैं।’’

यह हो सकता है कि बच्चे के माता-पिता हिंदू हों लेकिन वे अपना धर्म बदल सकते हैं। मैं यह चाहता हूँ कि यह सम्बन्ध रखने के लिए.....

श्री के. सी. शर्मा (उत्तर प्रदेश) : क्या मैं अध्यक्ष महोदय का ध्यान इस सदन की परम्परा की ओर दिला सकता हूँ, कि सभी प्रारूप संशोधनों को प्रारूपकार के ऊपर छोड़ दिया जाता है और सदन का समय बेकार नष्ट न करें?

माननीय अध्यक्ष : ऐसी कोई परम्परा नहीं है यह सब संशोधन विशेष पर निर्भर करता है।

श्री नजीरुद्दीन अहमद : ऐसा लगता है कि माननीय सदस्य चर्चा नहीं सुन रहे। केवल विरोध करने और कारण ढूंढने का प्रयत्न कर रहे हैं। यद्यपि यह अधिकतर प्रारूप की प्रकृति का है, मेरे विचार से इसमें एक ठोस मुद्दा है। प्रश्न यह है कि आप कहते हैं हिंदू का वैध या अवैध बच्चा हिंदू है। मान लो पिता अपना धर्म बदल लेता है ऐसे में जब प्रश्न उठा हिंदू उस विशेष समय में वह हिंदू नहीं हुआ। इसीलिए मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि वह हिंदू है या हिंदू रहा है। यह हो सकता है कि हिंदू न हो लेकिन सम्बन्धित समय में उसने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया हो। जब आप यह कहते हैं, एक व्यक्ति हिंदू है, इस का तात्पर्य यह हुआ, वह इस समय है; हो सकता है वह पहले हिंदू न हो। इसीलिए मैं कह रहा हूँ ‘‘एक व्यक्ति जो हिंदू है या रहा है,’’ जो हमेशा हिंदू रहा है। ऐसे बच्चे के माता-पिता हिंदू होंगे। मान